एनकोड में दिखा डिजाइन और फैशन का अनूठा संगम:फैशन शो तुरपन में सस्टेनेबल और फ्यूचरिस्टिक थीम्स पर कलेक्शन शोकेस, प्रोफेशनल मॉडल्स ने की रैम्पवॉक

सेंटर फॉर डिजाइन एक्सीलेंस (CODE) की ओर से जवाहर कला केंद्र (जेकेके) जयपुर में डिजाइन और फैशन पर आधारित प्रमुख एक दिवसीय कार्यक्रम “एनकोड” का आयोजन किया गया। इस इवेंट में फैशन डिजाइन, नवाचार और उद्योग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सेमिनार, वर्कशॉप और अन्य गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजाइन क्षेत्र में उभरती प्रतिभाओं को प्रेरित करना और उन्हें उद्योग के साथ जोड़ने के अवसर प्रदान करना था। सेमिनार और वर्कशॉप्स दिनभर चली 6 कार्यशालाओं में डिजाइन विशेषज्ञों ने फैशन, स्टाइलिंग, इनोवेशन और तकनीकी कौशल जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। कार्यशालाओं का उद्देश्य प्रतिभागियों को क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी के तालमेल से डिज़ाइन में नवाचार के लिए प्रेरित करना था। इंटर्नशिप और प्लेसमेंट ड्राइव कार्यक्रम में 500 से अधिक युवा डिजाइनरों को 80 प्रमुख उद्योगों से जोड़ने का मौका मिला। इस पहल ने डिजाइन उद्योग और उभरती प्रतिभाओं के बीच एक प्रभावी सेतु का काम किया। फैशन शो तुरपन में युवा डिजाइनरों की रचनात्मकता और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। शो का निर्देशन प्रसिद्ध फैशन डायरेक्टर अभिमन्यु सिंह तोमर ने किया। फैशन शो में 7-8 कॉलेजों के प्रतिभागियों ने कॉस्मिक कुट्योर, सस्टेनेबल, नीयॉन स्ट्रीट, फ्यूचरिस्टिक और साड़ी पॉप जैसे थीम्स पर आधारित डिजाइन्स को प्रदर्शित किया गया। आयोजन की आयोजक टीम री शर्मा टिक्कू (हेड ग्रोथ ऑफिसर), आस्था छाजेड़ (हेड ऑपरेटिंग ऑफिसर) और गरिमा अग्रवाल (अकादमिक हेड) ने बताया कि “एनकोड” एक ऐसा मंच है जो युवा डिजाइनरों को उद्योग से जोड़ने और उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करता है। कार्यक्रम ने डिजाइन शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने का प्रयास किया। कोड एक महिला-नेतृत्व वाला स्टार्टअप है, जो डिज़ाइन शिक्षा में नवाचार और सामुदायिक दृष्टिकोण के माध्यम से नई मान्यताएं स्थापित कर रहा है। जयपुर में शुरू हुआ यह संस्थान आज देशभर में 3 सेंटर के माध्यम से 72 पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है और अब इसका विस्तार वैश्विक स्तर पर दुबई तक हो रहा है। फैशन, यूएक्स, इंटीरियर्स, और अन्य डिजाइन डोमेन में अग्रणी भूमिका निभाते हुए, कोड शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को भरने का काम कर रहा है।

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