प्रदेश में एक बार फिर डेयरी उत्पादन बढ़ाने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड यानी एनडीडीबी का सहारा लिया जाएगा। राज्य सरकार इस पर लगभग 5 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। इस योजना में 6 जिलों को शामिल किया गया है। बाद में इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। दरदिसंबर में राज्य सरकार और एनडीडीबी के बीच समझौते के बाद राज्य में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं। श्वेत क्रांति की तर्ज पर डेयरी उद्योग को सशक्त बनाने और किसानों व पशुपालकों की आय दोगुनी करने राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। दुग्ध उत्पादन को लाभकारी व्यवसाय बनाने और प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इस व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा। प्रदेश की अधिकांश आबादी कृषि से जुड़ी है। अतिरिक्त आय के लिए पशुपालन का कार्य भी करती है। सीएम ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के साथ प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता में वृद्धि और सरप्लस दूध के उपयोग को लेकर ठोस कार्य योजना बनाने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि दूध उत्पादन से जुड़े किसानों और पशुपालकों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय को बढ़ा सकें। पायलट प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। एनडीडीबी का दावा एनडीडीबी के चेयरमैन मिनिष शाह ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन 58 लाख किलोग्राम दूध का उत्पादन हो रहा है। दुग्ध संघ की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के बाद दुग्ध उत्पादन और मार्केटिंग को बढ़ाने कार्ययोजना बनाई गई। सहकारी समितियों से पशुपालकों को आधुनिक तकनीक और मशीनों से दूध की गुणवत्ता जांच और तत्काल भुगतान की सुविधा दी जाएगी। बायोगैस और बायो-फर्टिलाइजर प्लांट की स्थापना से अतिरिक्त आय के स्रोत बढ़ेंगे। ये फायदे होंगे इन जिलों में डेयरी प्रोजेक्ट प्रदेश में छह जिलों में डेयरी पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ होगा। इनमें से चार जिले सारंगढ़ – बिलाईगढ़, महासमुंद, कांकेर और कोंडागांव हैं। इनके अलावा दो जिले सरगुजा संभाग के होंगे। इनके नाम हितग्राही सर्वे के बाद तय होंगे। हाल ही में बड़े पैमाने पर वेटेरनरी सहायकों के सरगुजा संभाग में तबादले किए गए। ऐसा माना जा रहा है कि वहां प्रोजेक्ट को गति देने के लिए उन्हें भेजा गया है।


