जयपुर | कमिश्नरेट पुलिस खुद को तकनीक के साथ अपडेट कर रही। अपराध पर नकेल कसने के लिए पुलिसकर्मियों को एआई फ्रेंडली बना रहा है। पुलिस; अपराधों पर अंकुश लगाने और ट्रैफिक संभालने के लिए तकनीक जुटा रही 1. अपराधी की पहचान अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से एफआईआर में नाम लिखते ही अपराधी की कुंडली खुलेगी। संगठित व बार-बार अपराध करने वाले बदमाशों की पहचान में मदद मिलेगी। 3. एआई लैस फेस डिटेक्टर कैमरे अपराधियों पर रखेंगे नजर प्रदेश में भीड़ वाले स्थानों पर एआई तकनीक के फेस डिटेक्टर कैमरे लगेंगे। इनके सामने से जैसे ही कोई वांछित अपराधी गुजरेगा तो अभय कमांड सेंटर पर अलर्ट आ जाएगा। उसकी पूरी कुंडली का प्रिंट आउट तुरंत निकल जाएगा। 2. अनुसंधान में मदद एफआईआर दर्ज करने के दौरान धाराएं जोड़ते ही उसी तरह के पूर्व में हुए अपराध और इस तरह के अपराध को अंजाम देने वाले बदमाशों की डिटेल मिल जाएगी।


