अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो सुनीता मिश्रा पर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है। एबीवीपी के महानगर मंत्री पुष्पेंन्द्र सिंह राठौड़ ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस मे एक-एक कर कई तरह की अनियमितता गिनाईं और आरोपों से जुड़े दस्तावेज भी मीडिया के सामने पेश किए। वे बोले-यूनिवर्सिटी में डॉ प्रभात सिंह राजपूत की नियुक्ति लाईब्रेरी साइंस में होने के बावजूद वे पूर्व सहायक पुस्तकालयध्यक्ष का वेतन लाभ उठा रहे हैं। वही, डॉ टीकमचंद डाकल स्थाईकरण होने के तुरंत बाद बिना अनुमति विदेश चले गए। इनके खिलाफ बोम मीटिंग में अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय हुआ था लेकिन वीसी ने कार्रवाई नहीं की। इसी तरह प्रोफेसर आरती प्रसाद ने सेवाकाल के दौरान अवकाश पर रहते हुए संयुक्त अरब अमीरात में पेस्ट कंट्रोल अधिकारी के रूप में सेवा दी। जबकि इन्हें विदेश में सेवा की अनुमति ही नहीं थी। इन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा एबीवीपी ने कुलपति पर नियम विरुद्ध वेतन उठाने का भी आरोप लगाया है। कुलपति को नहीं हटाया तो उदयपुर बंद करेंगे: डॉ दुलावत श्री राजपूत करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष डॉ परमवीर सिंह दुलावत ने भी प्रेसवार्ता में बताया कि कुलपति द्वारा औरंगजेब को कुशल शासक बताने वाले बयान के विरोध में छात्रों का आंदोलन चल रहा है। ऐसे में करणी सेना ने निर्णय लिया है कि राज्य सरकार अगर जल्द ही निर्णय नहीं लेती है तो उदयपुर बंद का आह्वान किया जाएगा। ऐसा बंद किया जाएगा कि प्रशासन के हाथ-पैर फुल जाएंगे। वहीं, जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह झाला ने कहा कि हमने इस विरोध में सभी समाज-संगठन को जोड़ा है। सरकार जल्द वीसी को नहीं हटाती तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।


