विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन यानी गुरुवार को विधानसभा परिसर की पार्किंग में लगे चंदन के पेड़ काटने का मामला सामने आया था। चोरों ने चंदन का एक पेड़ काटकर अलग कर दिया था। और दो पेड़ों पर आरी चलाकर काटने की कोशिश लेकिन, पेड तने से अलग नहीं कर पाए। इस घटना के बाद कांग्रेस ने विधानसभा की सुरक्षा पर सवाल उठाए। इस घटना के बाद दैनिक भास्कर ने विधानसभा जैसे हाई सिक्योरिटी जोन में हुए पेड़ कटाई और चोरी के प्रयास की पड़ताल की। इसमें पता चला कि विधानसभा के पीछे वाले हिस्से के तलाई क्षेत्र में विधायक विश्राम गृह को तोड़कर विधायकों के लिए बनाए जा रहे आवासों के ठेकेदार और विधानसभा के अधिकारियों की लापरवाही साफ नजर आई। ि दीवारें तोड़ीं, विधानसभा में घुसना आसान
विधानसभा के पीछे वाले हिस्से में एमएलए रेस्ट हाउस के पारिवारिक खंड़ तोड़कर विधायकों के लिए फ्लैट बनाए जा रहे हैं। इस नवनिर्माण के लिए विधानसभा की कुछ दीवारें भी ठेकेदारों ने जेसीबी से तोड़ दी हैं। पुरानी बिल्डिंग गिराने जेसीबी लगी हुई हैं। एमएलए रेस्ट हाउस तरफ से सीढियां बनी हुई हैं जिनसे विधानसभा परिसर में आने-जाने का सीधा रास्ता है। यहां से कोई भी आसानी से आ-जा सकता है। सत्र के दौरान सीढ़ियों पर सोते मिले पुलिसकर्मी
दैनिक भास्कर ने जब पिछले हिस्से में जाकर देखा तो दो पुलिस कर्मी सीढ़ियों पर धूप में सोते हुए नजर आए। दो पुलिसकर्मी सीढ़ियों के किनारे बनी दीवार पर बैठे थे। कैमरे देखकर एक पुलिसकर्मी को दूसरे जवान ने जगाया। लेकिन, एक पुलिस कर्मी धूप में अपनी पुलिस कैप से मुंह ढंके सोता नजर आया। पुलिस नहीं कर पाई ट्रेस
विधानसभा परिसर के अंदर पार्किंग में घुसकर चंदन के पेड़ काटने का प्रयास करने वालों का दो दिन बाद भी न तो भोपाल पुलिस सुराग लगा पाई और न ही विधानसभा की सुरक्षा शाखा चोरों को खोज पाई। सूत्रों की मानें तो पार्किंग एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज तक नहीं मिल पाए। बताया जा रहा है कि जहां पेड़ काटने की घटना हुई पार्किंग में उस एरिया के कैमरे खराब हैं। सत्र के दौरान करीब 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती
जिस वक्त पेड़ काटने की घटना हुई उस दौरान विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा था। इस दौरान 80 से ज्यादा ट्रेफिक पुलिस के जवानों, एसएएफ, जिला पुलिस बल के जवानों को मिलाकर करीब 350 पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं। इसके अतिरिक्त विधानसभा की सुरक्षा शाखा में भी करीब 35 कर्मचारी हैं। हालांकि बाहर से सत्र ड्यूटी के लिए आए पुलिस के अफसरों का तर्क है कि हमारे पुलिस के जवान सिर्फ सत्र के दौरान दिन में ड्यूटी पर रहते हैं बाकी समय विधानसभा की सुरक्षा शाखा ही सिक्योरिटी का जिम्मा संभालती है। घटना पर किसने क्या कहा… कांग्रेस बोली- सरकार सत्ता के नशे में मदहोश पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा- भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरी तरह से सत्ता के नशे में मदहोश है। जब चंदन के पेड़ों की सुरक्षा विधानसभा में नहीं हो पा रही तो समझ सकते हैं कि सरकार कितनी गहरी नींद में सोई है। पुलिस अवैध वसूली और लोगों को ठगने में लगी है। खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास गृह मंत्रालय का प्रभार है। विधानसभा मध्य प्रदेश की सर्वोच्च संस्था है। यहां पेड़ कट गए हैं तो प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति का अनुमान लगा लीजिए। MP में विधायकों के लिए बनेंगे नए फ्लैट:तीन हजार वर्गफीट में तीन बेडरूम, हॉल, किचन समेत अन्य सुविधाएं मध्यप्रदेश के विधायकों के लिए राज्य सरकार फ्लैट बनाएगी। विधायकों के लिए 102 फ्लैट बनाने के फैसले को कैबिनेट ने करीब 11 महीने पहले मंजूरी दी थी। 21 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इन फ्लैट्स के लिए भूमिपूजन किया था। नए बनने वाले फ्लैट्स में एक विधायक को तीन हजार वर्गफीट एरिया में तीन बेडरूम, एक हॉल और किचन समेत ओपन एरिया भी मिलेगा। 14.66 एकड़ में प्रोजेक्ट, 10 मंजिल में 5 विंग बनेंगे नए प्रोजेक्ट में 5 विंग होंगी। विंग ए में 18, विंग बी और सी में 22-22, विंग डी और ई में 20-20 फ्लैट होंगे। सभी भवनों की ऊंचाई 24 मीटर होगी। एक फ्लैट का निर्मित क्षेत्र 243 वर्ग मीटर (2615 वर्ग फीट) होगा। कुल निर्मित क्षेत्र 36943 वर्ग मीटर (397654.50 वर्ग फीट) रहेगा। प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल 14.66 एकड़ है। यहां पढ़ें पूरी खबर


