रेडियोलॉजी विभाग के गेट के बाहर खड़े वाहन। (दाएं) रेडियोलॉजी विभाग के बाहर लगा नोटिस। भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव अस्पताल की पार्किंग का ठेका 30 नवंबर को खत्म हो गया था। इसके चलते स्टाफ की ओर से चोरी के डर से अपने दोपहिया वाहन रेडियोलॉजी विभाग के अंदर पार्क किए जा रहे थे। इसको लेकर मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. करमजीत सिंह की ओर से विभाग के बाहर नोटिस चस्पा कराए गए हैं कि यदि किसी भी स्टाफ या अन्य व्यक्ति का वाहन विभाग के अंदर खड़ा िकया हुआ पाया गया तो उसकी हवा निकाल दी जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी वाहन के मालिक की होगी। इसके बाद स्टाफ ने विभाग के अंदर तो बाइक पार्क नहीं की, लेकिन विभाग के गेट के बाहर बने फर्श पर ही बाइकें लगाना शुरू कर िदया है। लोगों के अंदर बाइकें चोरी होने का डर है। इसलिए वह पार्किंग एरिया में अपनी बाइकें लगाने से डरते हैं। हालांकि एमएस ऑफिस के सामने बनी पार्किंग का पूरा एरिया खाली है। इसके अलावा बेबे नानकी वार्ड के सामने भी बाइकें लगाने की जगह है, लेकिन यह विभाग के बिलकुल दरवाजे पर ही बाइकें लगा रहे हैं। क्योंकि यहां अक्सर बाइकें चोरी होने वारदातें होती रहती हैं। 30 नवंबर को ठेका खत्म होने के बाद मेडिकल सुपिरटेंडेंट डॉ. करमजीत िसंह ने निर्देश दिए है कि कार, स्कूटर, साइकिल पार्किंग की कोई भी फीस ठेकेदारों की ओर से नहीं ली जाएगी। इसको लेकर सोमवार को हर पार्किंग में नोटिस चस्पा करा दिए है कि पार्किंग का ठेका खत्म हो गया है। कोई भी िकसी व्यक्ति को पार्किंग फीस न दे। कोरोना काल से पहले सलाना ठेका 30 लाख रुपए होता था, लेकिन उसके बाद यह ठेका 24 लाख हो गया। सूत्रों के मुताबिक बीते 3 सालों से बोली न होने के कारण साइकिल स्टैंड ठेकेदार और अस्पताल प्रबंधन के बीच कागजी विवाद चल रहा था। 11 दिसंबर को पार्किंग की ऑक्शन भी हुई, लेकिन ठेका सिरे नहीं चढ़ सका। फिलहाल मरीज अपनी जिम्मेदारी पर ही अस्पताल परिसर में अपने वाहन खड़े कर रहे हैं। जीएनडीएच में मरीजों सहित रोजाना 5 हजार से ज्यादा लोगों का आना-जाना रहता है। मरीजों के लिए सरकार ने 10 रुपए की पर्ची पर इलाज की व्यवस्था रखी है। लेकिन यहां पार्किंग में 12 घंटे के िलए 20 रुपए की जगह 80 रुपए तक वसूले जा रहे थे। इसकी शिकायतें मिलने के बाद जीएनडीएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. करमजीत िसंह ने पार्किंग का ठेका रद्द कर दिया है।


