भास्कर न्यूज| चाईबासा चाईबासा ब्लड बैंक में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाने का गंभीर आरोप लगने के बाद विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई करते हुए चाईबासा ब्लड बैंक में ब्लड प्रोसेसिंग पर रोक लगा दी गई है। जिसके बाद चाईबासा ब्लड बैंक अब ब्लड स्टोरेज यूनिट के रूप में काम कर रहा है। लेकिन इससे समस्या और बढ़ गई है। विभाग के निर्देश के अनुसार चाईबासा ब्लड बैंक द्वारा ब्लड डोनेशन कैंप से ब्लड का संग्रह कर जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के ब्लड बैंक को भेजा जा रहा है और वहां से ब्लड का प्रोसेसिंग कर चाईबासा ब्लड बैंक को दिया जा रहा है। जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के ब्लड बैंक द्वारा चाईबासा ब्लड बैंक को पर्याप्त मात्रा में ब्लड की आपूर्ति नहीं की जा रही है। जिसके कारण अब चाईबासा ब्लड बैंक में ब्लड स्टोरेज में कमी की समस्या सामने आ रही है। चाईबासा ब्लड बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक अबतक जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के ब्लड बैंक को यहां से 500 यूनिट ब्लड भेजा गया है, लेकिन अबतक मात्र 250 यूनिट ब्लड ही वापस मिला है। इससे कई परेशानी हो रही है। चाईबासा ब्लड बैंक में ब्लड स्टोरेज में कमी होने के कारण यहां से क्षेत्र के प्राइवेट अस्पतालों को ब्लड नहीं मिल पा रहा है। चाईबासा सदर अस्पताल और क्षेत्र के अन्य सरकारी अस्पतालों में चाईबासा ब्लड बैंक से प्रतिदिन करीब बीस यूनिट ब्लड की डिमांड होती है। सरकारी अस्पतालों के मरीजों को ब्लड की आपूर्ति तो पूरी हो रही है। लेकिन प्राइवेट अस्पताल के मरीजों को यहां से ब्लड नहीं मिल पा रहा है।


