एमडीएसयू में बच्चे जांच रहे कॉपियां:बीए प्रथम वर्ष के दूसरे सेमेस्टर के ‘हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ विषय की उत्तर पुस्तिकाओं का मामला, गोपनीयता पर सवाल

एमडीएस यूनिवर्सिटी की परीक्षा व्यवस्था की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्टूडेंट्स की उत्तरपुस्तिकाएं बच्चे ही जांच रहे हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आए एक वीडियो ने यूनिवर्सिटी की मूल्यांकन प्रक्रिया की पोल खोल दी। वीडियो में दो विद्यार्थी बीए प्रथम वर्ष, सेमेस्टर-II के हिस्ट्री ऑफ इंडिया विषय की उत्तरपुस्तिकाएं जांचते दिखाई दिए हैं। इसमें कॉपियों का बंडल भी दिख रहा है। वीडियो में परीक्षा की तारीख, विषय और यूनिवर्सिटी का लोगो नजर आ रहा है। भास्कर ने 12 नवंबर को हुए इस पेपर का मिलान किया तो वीडियो में कॉपी जांच रहे विद्यार्थी जिन प्रश्नों पर चर्चा कर रहे हैं, वही सवाल प्रश्नपत्र में पूछे गए हैं। इधर, विवि प्रशासन ने इस वीडियो की जांच करने की बात कही है। वीडियो में कह रहे…‘बच्चो! ऐसी राइटिंग लिखोगे तो मार्क्स नहीं दूंगी’ वीडियो में बच्चे कॉपी में लिखा एक सवाल पढ़कर सुना रहे हैं, संगम साहित्य के दो महाकाव्यों के नाम लिखिए? यह सवाल प्रश्नपत्र में छठे नंबर पर पूछा गया है। चंद्रगुप्त मौर्य के प्रशासन का वर्णन कीजिए? यह सवाल 14वें नंबर पर प्रश्न पत्र में पूछा गया है। युवती उस पर कमेंट कर सजेशन दे रही है कि पांच सवालों के ही जवाब देने हो तो पांच के ही दीजिए, ज्यादा लिखेंगे तो नंबर नहीं मिलेंगे। राइटिंग को लेकर भी कह रही है कि बच्चो, ऐसी राइटिंग लिखोगे तो मैं मार्क्स बिलकुल भी नहीं दूंगी। प्रश्न-पत्र में वो ही सवाल व टाइम टेबल वीडियो में कॉपी साफ दिख रही। Q. 1 विवि की कॉपियां विद्यार्थी जांच रहे, क्या यह गोपनीयता पर सवाल नहीं? – यह संभव नहीं है। अगर किसी परीक्षक ने ऐसा किया है तो यह गंभीर मामला है। संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। Q. 2 क्या यह परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हैं ? -जो वीडियो दिखाया इसमें कहीं भी यह लोग अंक देते नहीं दिख रहे हैं। Q. 3 कॉपियां इनके पास पहुंचना नियम विरुद्ध नहीं है? -बिलकुल, यह नियम विरुद्ध है। किसी और को तो दूर परीक्षक घर के किसी सदस्य को भी कॉपी नहीं दिखा सकता। जांच कराई जाएगी। एक्सपर्ट -डॉ. जगराम मीणा, पूर्व परीक्षा नियंत्रक, एमडीएसयू संयोजक की अध्यक्षता में परीक्षा विभाग की गोपनीय शाखा में पैनल तैयार होता है। यह कमेटी तय करती है कि कौन पेपर सेट करेंगे और कौन मूल्यांकन। अधिकृत व्यक्ति के अलावा दूसरों से यह काम करवाना नियम विरुद्ध है। कार्रवाई के साथ आजीवन निष्कासित तक किया जा सकता है। एमडीएसयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष महिपाल गोदारा ने इस वीडियो को लेकर वीसी से शिकायत की है। गोदारा का कहना है कि इससे यूनिवर्सिटी की छवि खराब हो रही है। 3.25 लाख बच्चे विवि से संबद्ध जिला    कॉलेज अजमेर   107 भीलवाड़ा  67 नागौर    236 टोंक   121 कुल    531

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