एमडी-बोटेनिकल्स मीट में दुर्लभ औषधियां दिखाई गईं

भास्कर न्यूज| कोंडागांव भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय जैविक प्रमाणित हर्बल फार्म मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म एवं अनुसंधान केंद्र में एमडी बोटैनिकल्स का पहला इंडक्शन मीट बुधवार को आयोजित हुआ। यह आयोजन प्रशिक्षण शिविर के रूप में हुआ। इसमें पारंपरिक विपणन दृष्टिकोण और आधुनिक सोच के बीच सेतु बनाने पर जोर दिया गया। कंपनी की संस्थापक और प्रबंध निदेशक अपूर्वा त्रिपाठी ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की श्रेष्ठ युवा महिला उद्यमी के रूप में सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कंपनी के उद्देश्य और मूल भावना को विस्तार से बताया। कार्यक्रम के बाद फार्म का भ्रमण कराया गया। फार्म निदेशक अनुराग त्रिपाठी, वरिष्ठ विषय विशेषज्ञ जसमती नेताम और कृष्णा नेताम ने भ्रमण का नेतृत्व किया। इस दौरान 340 से अधिक दुर्लभ और संकटग्रस्त वनौषधियों को दिखाया गया। भ्रमण में जैविक पालीहाउस मॉडल भी देखा गया। यह मॉडल पारंपरिक प्लास्टिक पालीहाउस की तुलना में अधिक टिकाऊ है। यह नाइट्रोजन फिक्सेशन जैसी जैविक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देता है। फार्म में स्टीविया अनुसंधान परियोजना भी संचालित हो रही है। यह परियोजना एमडी बोटैनिकल्स और सीएसआईआर-आईएचबीटी पालमपुर के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के तहत चल रही है। यह आयोजन प्रमाण है कि मां दंतेश्वरी हर्बल समूह भारत में हर्बल उत्पादन का सिरमौर है, जो वर्षों की वैज्ञानिक शोध, पारंपरिक ज्ञान, तकनीकी नवाचार और सामाजिक समर्पण का परिणाम है। शिविर का कुशल समन्वय राष्ट्रीय विपणन प्रमुख केविन जेवियर ने किया।

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