हाल ही में मप्र सरकार द्वारा एनीमेशन-ग्राफिक्स, डाटा सेंटर और ड्रोन के क्षेत्र में नई निवेश नीतियां जारी की गई थीं। अब इन क्षेत्रों के लिए युवा स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार किए जाएंगे। एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कारपोरेशन (एमपीएसईडीसी) ने पहल की है। कॉर्पोरेशन ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और एलटी एडुटेक के साथ अनुबंध किया है। मप्र में इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी संस्थानों से हर साल पढ़कर 50 हजार युवा निकलते हैं। इन्हें इंडस्ट्री के मुताबिक स्किल और प्रोफेशनल एक्सपीरियंस देने के लिए अब आरजीपीवी में नए पायलट कोर्स शुरू होंगे। एसीएस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि प्रदेश में ऐसा इको सिस्टम बनाया जा रहा है जिसमें इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक स्किल्ड युवा टैलेंट तैयार किया जा सके। ऐसे समझौतों के माध्यम से टियर 2 शहरों को नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं। इस अनुबंध का बजट सरकार उपलब्ध कराएगी, जबकि कॉर्पोरेशन इसमें नोडल एजेंसी होगी। 75 घंटे के होंगे प्रोग्राम
अनुबंध के तहत एलटी एडुटेक जल्द आरजीपीवी में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए पांचवे सेमेस्टर से दो पायलट कोर्स शुरू करेगा। पहला पाइथन फॉर डाटा हैंडलिंग और दूसरा फ्रंट एंड यूजर इंटरफेस- यूजर एक्सपीरियंस पर होगा। पहले बैच में 100 छात्रों को 75 घंटे का कोर्स कराया जाएगा। इसमें ऑनलाइन सेशन, एक्सपर्ट सेशन, प्रोजेक्ट और वर्चुअल लैब से सीखने के मौके मिलेंगे।
आखिर क्यों पड़ रही है स्किल को अपग्रेड करने की जरूरत
वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की जॉब रिपोर्ट के मुताबिक 2025 के अंत तक बदलती टेक्नोलॉजी के हिसाब से भारत में 50% वर्कफोर्स को स्किल्स अपग्रेड करने की जरूरत है। मप्र सरकार राज्य के दूसरे विश्वविद्यालयों में भी इस तरह के पिलर कोर्स शुरू करने की तैयारी में है ताकि युवाओं को नौकरी मिलने के अवसर बढ़ सकें।


