मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2022 के फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिए हैं। देवास की दीपिका पाटीदार ने परीक्षा में टॉप किया है। वहीं टॉप टेन में 6 लड़कियों ने जगह बनाई है। रैंकिंग में दीपिका के बाद आदित्य नारायण तिवारी, सुरभि जैन, महिमा चौधरी, धर्मप्रकाश मिश्रा, शानू चौधरी, स्वाति सिंह, उमेश अवस्थी, कविता देवी यादव और प्रत्यूष श्रीवास्तव का स्थान है। आयोग के ओएसडी डॉ.आर.पंचभाई ने बताया कि, राज्य सेवा परीक्षा 2022 का फाइनल रिजल्ट जारी किया है। एग्जाम के इंटरव्यू 11 नवंबर से 9 जनवरी 2025 तक आयोजित किए गए थे। आयोग की वेबसाइट पर रिजल्ट अपलोड किया गया है। https://mppsc.mp.gov.in/Results पर रिजल्ट देख सकते है। 456 पदों के लिए हुई थी परीक्षा
उन्होंने बताया कि, 87-13 प्रतिशत फॉर्मूले 394 कैंडिडेट्स का चयन हुआ है। इसमें कुल 456 सीटें थी। 52 सीटें 13 प्रतिशत में थी। 404 सीटें 87 प्रतिशत में थी, इसमें 10 सीटें खाली रही है। 13 प्रतिशत का रिजल्ट शेष है। टॉप टेन की लिस्ट जानिए टॉपर्स के बारे में दीपिका के पिता बोले- जुनून देखकर लगता था नाम रोशन करेगी
दीपिका के पिता गोपाल पाटीदार ने कहा मुझे बेटी की काबिलियत पर पूरा भरोसा था। मैं उसे बेटा कहता हूं। उसके जुनून को देखकर मुझे लगता था कि यह नाम रोशन करेगी। वह रात-रातभर पढ़ती थी। जब भी हम फोन लगाते थे, वह उस वक्त पढ़ाई ही करती रहती थी। आज तो वह इंदौर में है। हम रविवार सुबह इंदौर जाएंगे। दीपिका को 1575 में से 902.75 अंक प्राप्त हुए हैं। उन्हें मुख्य परीक्षा में 1400 में से 756.75 अंक और इंटरव्यू में 175 में से 146 अंक मिले हैं। ग्रेजुएशन के दौरान सिविल सेवा की ओर रुझान
दीपिका ने अपनी 10वीं तक की शिक्षा तालौद के सरकारी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उमियाधाम विद्यालय, राऊ से 11वीं और 12वीं में प्रथम स्थान हासिल किया। इंदौर के होल्कर कॉलेज से बीएससी (कंप्यूटर साइंस) से की। ग्रेजुएशन के दौरान दीपिका का सिविल सेवा की ओर रुझान हुआ। ग्रेजुएशन के बाद, उन्होंने दिल्ली जाकर कोचिंग ली और इतिहास विषय से पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया। रोजाना 18-18 घंटे तक की पढ़ाई
2019 में इंदौर लौटने के बाद, दीपिका ने महात्मा गांधी संस्थान में मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की गहन तैयारी की। टेस्ट सीरीज और मॉक इंटरव्यू से उन्होंने अपनी तैयारी को निखारा। परीक्षा से पहले दीपिका ने दिन-रात मेहनत करते हुए 18-18 घंटे तक पढ़ाई की। पढ़ाई के अलावा, दीपिका को मटकी नृत्य और प्रकृति के बीच समय बिताना बेहद पसंद है। रमशा बोलीं- हर चैलेंजेस के लिए रहती हूं तैयार
रमशा अंसारी ने बताया कि, हमेशा ही चुनौतियों के लिए वह तैयार थीं। रमशा डिप्टी कलेक्टर में भी फर्स्ट वेटिंग में रही हैं। रमशा ने बताया कि, मेरा सक्सेस का फॉर्मूला यही रहा कि, मैं हमेशा मेंटली, फिजिकली दोनों तौर पर हर तरह के चैलेंजेस के लिए तैयार रही। मैं हमेशा से ही रियलिटी को एक्सपेट करती हूं। मैं रोजाना 11 से 12 घंटे पढ़ाई करती थी। परिवार ने बहुत सपोर्ट किया। परिवार वाले हमेशा पढ़ाई को लेकर मोटिवेट करते थे। मैं रोज 8 से 10 घंटे करता था पढ़ाई
आशीष सिंह चौहान ने बताया कि, मैं इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार वालों के साथ गुरुओं को देना चाहूंगा। मेरी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। मैं रोज 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करता था। एग्जाम के दौरान कभी टाइम देखकर पढ़ाई नहीं की। फैमिली ने मेरा बहुत सपोर्ट किया है। हम करीब 12 साल से किराए के मकान में रह रहे हैं। फिर भी भाई और पिताजी ने कभी नहीं कहा कि, तुम्हें हमारा हाथ बंटाना है। वह हमेशा मेरी पढ़ाई को लेकर सपोर्ट करते थे, वह हमेशा मुझे प्रेरित भी करते रहे, आज यह रिजल्ट मैं अपने परिवार और अपने गुरुओं की वजह से ही हासिल कर सका हूं। इस खबर के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए।


