एमपी के 19 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे:राजगढ़ सबसे ठंडा, तापमान 3 डिग्री पहुंचा; सतना में 50 मीटर विजिबिलिटी

मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। ओले-बारिश का दौर थमने के बाद ठंड और कोहरे का असर तेज हो गया है। शुक्रवार सुबह सतना में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी घटकर महज 50 मीटर रह गई। हालात ऐसे थे कि कुछ ही दूरी पर दिखाई देना मुश्किल हो गया, वहीं रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। भोपाल, ग्वालियर समेत प्रदेश के 19 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा 3 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह सतना, रीवा, ग्वालियर और गुना में घना कोहरा दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, दतिया, खजुराहो, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया, बालाघाट, विदिशा, अशोकनगर, रायसेन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, सीहोर और डिंडौरी सहित कई जिलों में कोहरे का असर देखा गया। देखिए तस्वीरें अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट 31 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अलर्ट। 1 फरवरी- नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट। 2 फरवरी- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश का अलर्ट। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

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