भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले में छत्तीसगढ़ से ज्यादा ओडिशा और मध्यप्रदेश की शराब बिक रही है। मेला-मंडई में तो तेल, साबुन की तरह लगने वाली हर दूसरी दुकान में खुलेआम दूसरे राज्य की शराब बिक रही है जिस पर न तो आबकारी विभाग अंकुश लगा पा रहा है न ही पुलिस। ओडिशा की शराब छत्तीसगढ़ की शराब से सस्ती है जिसकी वजह से इसकी खपत ज्यादा है। कोचियों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध भी हो जाती है। जिले में गीदम, दंतेवाड़ा, किरंदुल, बचेली 4 सरकारी दुकान हैं पर इससे ज्यादा शराब की दुकानें कोचिये चला रहे हैं वह भी दूसरे राज्य की शराब बेचकर। कुआकोंडा में अवैध शराब का सबसे बड़ा भंडारण : एमपी और ओडिशा की शराब की डंपिंग कुआकोंडा के अलग-अलग गांवों में की जाती है, यहां से पूरे जिले भर में सप्लाई की जाती है। पुलिस और आबकारी विभाग को भनक तक नहीं लगती है और अवैध शराब जिले तक पहुंच जाती है। बीते दिनों बीजापुर पुलिस के द्वारा ढाई सौ पेटी अवैध शराब पकड़ी गई थी, वह भी दंतेवाड़ा आ रही थी। शराब मंगाने वाले का नाम भी उजागर हुआ था पर पुलिस अब तक सरगना तक नहीं पहुंच पाई है। मलकानगिरी के रास्ते आ रही है ओडिशा की शराब ओडिशा के मलकानगिरी तक ओडिशा के तस्कर शराब लाकर देते हैं, यहां से दंतेवाड़ा के तस्कर अपनी गाड़ी में लोड करवाते हैं। फिर सुकमा, गादीरास होकर दंतेवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में ये शराब डंप की जाती है। पुसपाल, तोंगपाल, दूधिरास होकर भी एमपी की शराब बड़ी तादाद में दंतेवाड़ा लाई जा रही है। इसके अलावा बीजापुर के रास्ते भी शराब दंतेवाड़ा लाई जा रही है। सरगना राडार में, जल्द बड़ी कार्रवाई होगी: एएसपी एएसपी आरके बर्मन ने कहा दंतेवाड़ा में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई कर एक आरोपी को जेल भेजा गया है। सरगना हमारे राडार में है। जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी।


