कोटा के एमबीएस अस्पताल में नई बिल्डिंग में ओपीडी और आईपीडी की सेवाएं चालू कर दी गई है। एमबीएस अस्पताल के नए आईपीडी में दिखाने वाले मरीजों को पुराने अस्पताल में भर्ती होने के लिए अब परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसे मरीज अब सीधे वार्ड में ही जा सकेंगे। नए आईपीडी अस्पताल को पुराने अस्पताल से जोडने के लिए कनेक्टिंग कोरिडोर बनाया जाएगा। एमबीएस में नया अस्पताल बनने के बाद आगे के हिस्से को तो पहले ही जोड़ा जा चुका है। लेकिन इसके पिछला हिस्सा शेष था। जिससे पुराने अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में जाने के लिए रास्ता नहीं होने से मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। केडीए की ओर से बनाया जा रहा कनेक्टिंग कोरिडोर नए अस्पताल के पिछले हिस्से से शुरू होगा। 12 फीट ऊंचाई के दो पिलर पर 8 फीट चौड़ा और 60 फीट लम्बा पुलनुमा कोरिडोर बनाया जाएगा। नए आईपीडी के पिछले हिस्से को पुराने अस्पताल के सर्जिकल वार्ड से सीधा जोड़ा जाएगा। जिससे ऑपरेशन के बाद मरीज सीधे वार्ड में स्ट्रेचर की सहायता से कोरिडोर के जरीये सर्जिकल वार्ड तक जा सकेंगे। कनेक्टिंग कोरिडोर बनाने में करीब 50 लाख रुपए की लागत आएगी। कनेक्टिंग कोरिडोर के निर्माण वाली जगह पर बड़ी संख्या में केबल व सीवरेज लाइनें आ रही थी। जिन्हें हटाने में समय अधिक लगा। इस कारण से कई बार डिजाइन में भी बदलाव करना पड़ा था। अब डिजाइन फाइनल हो गया है और काम शुरू हो रहा है। दो माह में इसका पूरा काम होने की संभावना है।


