एमसीबी के ग्राम ताराबहरा में जल संरक्षण का संकल्प:बैकुंठपुर में जल संकट की चुनौती, जिले का नाम ‘हसदेव’ रखने की मांग

छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में एक ओर जहां जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर गर्मी के मौसम में स्वच्छ जल की उपलब्धता को लेकर नगर प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। इसके साथ ही जिले का नाम बदलकर ‘हसदेव’ रखने की मांग भी ज़ोर पकड़ रही है। ग्राम ताराबहरा में जल संरक्षण का संकल्प मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम ताराबहरा में आज एक विशेष ग्रामसभा का आयोजन हुआ। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम के मार्गदर्शन में यह बैठक हुई। ग्रामसभा में जल संरक्षण को लेकर सर्वसम्मत संकल्प लिया गया। गांव के हर घर में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था बनाने का निर्णय लिया गया। इससे बारिश का पानी व्यर्थ नहीं बहेगा। ग्रामवासियों ने कुएं, बावड़ी और तालाब जैसे पारंपरिक जल स्रोतों की नियमित सफाई और संरक्षण का संकल्प लिया। सभी सदस्यों ने सार्वजनिक और शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग संरचना की निगरानी की जिम्मेदारी ली। इस संकल्प में मनी सिंह, अवधेश कुमार, नकुल देव, राजेंद्र द्विवेदी, शिवप्रसाद, कल्याण सिंह, राजेश साहू, दुर्गा रामसकल, लक्ष्मण, संतोष और भुवनेश्वर कुमार प्रमुख रूप से शामिल रहे। संकल्प का प्रतिवेदन 25 अप्रैल को जनपद स्तर पर, 26 अप्रैल को जिला स्तर पर और 28 अप्रैल को संचालनालय को प्रस्तुत किया जाएगा। संकल्प लेने वाले सभी व्यक्तियों के फोटोग्राफ भी प्रपत्र के साथ भेजे जाएंगे। बैकुंठपुर में खराब पड़े वाटर कूलर, राहगीरों को परेशानी वहीं दूसरी ओर, बैकुंठपुर नगर क्षेत्र में लगाए गए 8 से 10 वाटर कूलर और फिल्टर लंबे समय से खराब पड़े हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, शिकायत दर्ज करवाने के बावजूद नगर पालिका द्वारा मरम्मत की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गर्मी के मौसम में राहगीरों को पीने के ठंडे और स्वच्छ पानी के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई कूलर कबाड़ में बदल चुके हैं, कुछ में बिजली कनेक्शन तक नहीं है। जिले का नाम ‘हसदेव’ रखने की मांग छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले का नाम बदलने की मांग सामने आई है। स्थानीय नागरिक राधेश्याम अग्रवाल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जिले का नाम हसदेव रखने का प्रस्ताव दिया है। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान नाम मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर न केवल लंबा है, बल्कि बोलने और सुनने में भी अटपटा लगता है। इसके स्थान पर क्षेत्र की पवित्र नदी हसदेव के नाम पर जिले का नामकरण करने से यह छोटा और प्रतिष्ठित होगा। उल्लेखनीय है कि पहले इस जिले का नाम केवल मनेन्द्रगढ़ था। बाद में इसमें चिरमिरी और भरतपुर को जोड़ा गया। नाम परिवर्तन के लिए भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है।

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