एम्स की लिफ्ट से 54 सेकंड में लूट…:मेडिकल वार्ड का रास्ता पूछने के बहाने आया, गेट खुलते ही 5 सेकंड में मंगलसूत्र छीनकर फरार

राजधानी की सड़कों के साथ अब अस्पतालों में भी लुटेरों की निगाह है। एम्स में रविवार दोपहर ऐसी वारदात हुई। यहां महिला अटेंडेंट वर्षा सोनी को टारगेट करने के लिहाज से एक लुटेरा उनके पीछे लिफ्ट में आया और मेडिकल वार्ड का रास्ता पूछा। इसके बाद महज 54 सेकंड में उनके गले से मंगलसूत्र छीनकर आंखों से ओझल हो गया। अस्पताल में सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी लगे हैं, उसे जानकारी थी, शायद इसीलिए उसने मुंह पर मास्क भी लगा रखा था। राजधानी के किसी अस्पताल के अंदर इस तरीके की यह पहली वारदात है। इससे एम्स जैसे बड़े अस्पताल की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। अटेंडेंट की शिकायत पर बागसेवनिया थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित वर्षा सोनी टीकमगढ़ की रहने वाली हैं। भोपाल में वह साकेत नगर में रहती हैं। पुलिस ने उसकी तलाश में कई टीमें लगाई हैं। संस्थान के अंदर ही सुरक्षित नहीं महिलाएं… चार फुटेज से समझें, कि कैसे टारगेट कर लिफ्ट में घुसा था लुटेरा वार्ड के बारे में पूछा दोपहर 2:30 बजे : वर्षा ग्राउंड फ्लोर पर लिफ्ट का इंतजार कर रही थीं। उन्हें पहली मंजिल पर जाना था। तभी मेडिकल वार्ड पूछते हुए युवक लिफ्ट में आया। 49 सेकंड खड़ा रहा लिफ्ट का गेट बंद होने के बाद पहली मंजिल तक पहुंचने के बीच 49 सेकंड आरोपी एक किनारे खड़ा रहा। फुटेज में इस दौरान उसकी नजर मंगलसूत्र पर थी। गेट खुलते ही झपट्‌टा लिफ्ट पहली मंजिल पर पहुंची, वर्षा और युवक निकलने के लिए गेट पर पहुंचे तभी लुटेरे ने उनके गले में झपट्‌टा मार मंगलसूत्र छीन लिया। और धक्का देकर फरार मंगलसूत्र हाथ में आते ही लुटेरे ने वर्षा को धक्का दिया और सीढ़ियों के रास्ते ट्रॉमा ओटी के बगल से भाग गया। 4 दिसंबर को परिसर में हो चुकी है चोरी …
4 दिसंबर 2025 को एम्स अस्पताल परिसर में फेस्ट रेटिना 8.0 के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार से चोरी हुई थी। इस दौरान पीड़ित अटल तिवारी (27) फेस्ट देखने गए थे। पार्किंग में उन्होंने अपनी कार खड़ी कर दी थी। इसी दौरान चोर ने उनकी कार में रखा लैपटॉप बैग, हेडफोन और सोने की अंगूठी चोरी कर ली थी। वारदात के बाद… कलर कोडिंग से 3 जोन में बंटा एम्स
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एम्स को कलर कोडिंग के तहत 3 जोन में बांटा जा रहा है। ऑफिस, ओटी और स्टोर रिस्ट्रिक्टेड जोन होंगे। यहां किसी भी बाहरी की एंट्री नहीं होगी। ओपन जोन में केवल मरीज और उनके परिजनों को प्रवेश मिलेगा, जबकि कॉमन जोन में पार्किंग और बरामदे रहेंगे। आईपीडी में बिना अटेंडर कार्ड किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परिजनों के लिए अलग काउंटर से पास जारी होंगे। सभी एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स पर गार्ड तैनात रहेंगे। सुरक्षा कर्मियों को वॉकी-टॉकी दिए जाएंगे। डार्क स्पॉट की निगरानी बढ़ाई जाएगी।

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