सितंबर में जापान में हाेने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए मप्र खेल विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत शूटिंग, घुड़सवारी, वॉटर स्पोर्ट्स, बॉक्सिंग और फेंसिंग में विदेशी कोच रखने के लिए प्रक्रिया चल रही है।
विदेशी कोच को 5 लाख या उससे अधिक मासिक मानदेय दिया जाएगा। आवास, यात्रा, चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। विभाग का मानना है कि उच्च स्तरीय कोचिंग के बिना अंतरराष्ट्रीय पदक संभव नहीं है। संभावित पदक विजेता खिलाड़ियों और उनके कोच से वन-टू-वन इंटरव्यू किए जाएंगे। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी के मद्देनजर उनकी तकनीकी जरूरत को समझना है। अनुभव… पोल वॉल्ट और वॉटर स्पोर्ट्स में विदेशी कोच से फायदा हुआ पोल वॉल्ट में विदेशी कोच एंजेल गैरसिया के आने के बाद 5.32 मीटर से 5.40 यानी आठ सेमी की बढ़ोतरी हुई है। अंडर 18 से सीनियर तक रिकॉर्ड मप्र के नाम रहे हैं। वहीं वॉटर स्पोर्ट्स में रोमानिया के कोच पीटर कांडर्ड एक साल रहे । उनके रहते हुए मप्र ने अप्रैल 2025 में भोपाल में जूनियर व सब-जूनियर नेशनल कैनो स्प्रिंट में 30 स्वर्ण जीते। कोच के लिए योग्यता: कोच स्वयं नेशनल–इंटरनेशनल प्लेयर हो और मेडल विजेता रहा हो। इसी के साथ उनके खिलाड़ियों ने भी नेशनल–इंटरनेशनल लेवल पर मेडल जीते हों। अगर कोच ओलंपियन है या इसी के समकक्ष प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया हो तो उसे प्राथमिकता दी जाती है। अचीवमेंट देखने के बाद अनुबंध होता है। इन खिलाड़ियों पर फोकस पोल वाल्ट: देव मीणा, कुलदीप कुमार, नीतिका आकरे
शूटिंग: ऐश्वर्य सिंह तोमर
थ्रोअर: समरदीप
कयाकिंग: डाॅली विश्वकर्मा, निहारिका सिंह
कैनोइंग: दीपिका ढीमर
हॉकी: विवेक सागर, इशिका चौधरी (इन सभी ने राष्ट्रीय स्पर्धाओं में मेडल जीते हैं, 100 खिलाड़ियों की सूची बनी है।) खिलाड़ियों की जरूरत पता करेंगे खेलों में विदेशी कोच रखने के साथ हम खिलाड़ियों और स्थानीय कोच के वन टू वन इंटरव्यू भी करेंगे, जिससे पता चले कि उन्हें किस तरह की सुविधाएं चाहिए ताकि वे और बेहतर परिणाम दे सकें। ऐसा पहली बार होने जा रहा है। –विश्वास सारंग, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री


