स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से 4 लाख 38 हजार से अधिक नाम हटने के बावजूद नए वोटरों के आवेदन उम्मीद से काफी कम सामने आए हैं। जिले में अब तक सिर्फ 41 हजार 367 लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरा है, जबकि अनुमान था कि यह आंकड़ा एक लाख से अधिक पहुंचेगा। नए मतदाता 22 जनवरी शाम 5 बजे तक ही आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 21 फरवरी तक वोटर लिस्ट में किसी भी नए नाम को जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह बंद रहेगी। चुनाव आयोग के नए नियमों के तहत बाद में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा कठिन होगी। आवेदक को यह बताना होगा कि वह वर्ष 2003 में कहां रह रहा था और उस समय उसके परिजन कहां निवास कर रहे थे। यह जानकारी घोषणा पत्र के साथ देनी होगी। जानकारी उपलब्ध न होने पर नागरिकता से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सत्यापन के बाद ही नाम जोड़ा जाएगा। उम्मीद से कम आए आवेदन
जिले की बैरसिया, उत्तर, नरेला, मध्य, दक्षिण पश्चिम, गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा में बड़ी संख्या में नाम कटने के बाद नए आवेदनों की संख्या ज्यादा रहने की उम्मीद थी, लेकिन आंकड़ा 41 हजार के आसपास ही सिमटा हुआ है। नो मैपिंग वोटरों की सुनवाई जारी पांच जनवरी से वार्ड और तहसील कार्यालयों में 1 लाख 16 हजार 925 नो-मैपिंग वाले मतदाताओं की सुनवाई चल रही है। मतदाताओं से उम्र के अनुसार जन्म प्रमाण मांगा जा रहा है। यह प्रक्रिया 14 फरवरी तक चलेगी, जिसके बाद नाम जोड़ने या हटाने पर फैसला लिया जाएगा। नाम काटने के दो हजार आवेदन
एसआईआर के दौरान जहां मतदाताओं ने अपना नाम बचाने का प्रयास किया, वहीं दो हजार से अधिक मतदाता ऐसे भी हैं, जिन्होंने वर्तमान वोटर लिस्ट से नाम कटवाने का आवेदन पेश किया है। जिसके लिए इन मतदाताओं ने आॅनलाइन और ऑफलाइन आवेदन पेश किए हैं।


