सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 मामले में हाईकोर्ट ने एसओजी की गोपनीय रिपोर्ट लीक होने को गंभीर माना हैं। वहीं अदालत ने एसओजी एडीजी को रिपोर्ट लीक होने के संदर्भ में अब तक की गई जांच की जानकारी देने के लिए 2 फरवरी को कोर्ट में तलब किया हैं। जस्टिस एसपी शर्मा की खंडपीठ में आज सरकार ने एसओजी की अब तक की तथ्यात्मक रिपोर्ट बंद लिफाफे में पेश की थी। जिसका विरोध करते हुए मूल याचिकाकर्ता के अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने कहा कि हमें भी रिपोर्ट की प्रतिलिप उपलब्ध करवाई जाए। बंद लिफाफे में पेश रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने कई आदेशों में सही नहीं माना हैं। इस पर कोर्ट ने उनसे पूछा कि आपको 13 अगस्त 2024 की एसओजी की गोपनीय रिपोर्ट (भर्ती रद्द करने की सिफारिश वाली) कहां से मिली। हम उन लोगों पर भी कार्रवाई करेंगे, जिन्होने आपको गैरकानूनी तरीके से गोपनीय दस्तावेज उपलब्ध करवाएं। एसओजी ऑफिस कॉम्प्रोमाइज हो चुका है
इस पर अदालत ने कोर्ट में मौजूद एसओजी एडीजी विशाल बंसल से पूछा कि क्या आपको इसकी जानकारी है कि आपके कार्यालय से गोपनीय दस्तावेज लीक हुए हैं? इस पर एडीजी ने स्वीकार किया कि उन्हें इसकी जानकारी हैं। अदालत ने कहा कि आपका ऑफिस कॉम्प्रोमाइज हो चुका हैं। सोमवार को हमें जानकारी मिली थी कि आपके ऑफिस में पदस्थापित एक कांस्टेबल इस मामले में याचिकाकर्ता हैं। क्या उसने दस्तावेज लीक किए? इस पर एडीजी विशाल बंसल ने कहा कि कांस्टेबल एसओजी में पदस्थापित जरूर हैं, लेकिन वो जांच का हिस्सा नहीं हैं। यह लीक हमारे ऑफिस से नहीं हुआ हैं, लेकिन हम इसकी जांच करेंगे। इस पर अदालत ने एसओजी एडीजी को 2 फरवरी को विस्तृत जांच रिपोर्ट के साथ पेश होने के निर्देश दिए। इस रिपोर्ट के आधार पर चला पूरा घटनाक्रम
दरअसल, एसआई भर्ती पेपरलीक के चलते पूरी भर्ती को रद्द करने की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं ने एसओजी की यह गोपनीय रिपोर्ट हाईकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष पेश की थी। उन्होने इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कहा था कि जब रिपोर्ट में जांच एजेंसी स्वयं यह मान चुकी है कि भर्ती का पेपर बड़े पैमाने पर लीक हुआ था और भर्ती रद्द की जानी चाहिए। लेकिन सरकार एसओजी की रिपोर्ट के बाद भी भर्ती रद्द नहीं कर रही है। इस पर सरकार ने एकलपीठ में भी यह बिंदू उठाया था कि यह रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं के पास कैसे आई। हालांकि एकलपीठ ने विस्तृत सुनवाई के बाद 28 अगस्त 2024 को पूरी भर्ती को रद्द कर दिया था। खंडपीठ ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा
एकलपीठ के फैसले के खिलाफ चयनित ट्रेनी एसआई और सरकार ने खंडपीठ में अपील दायर की थी। जिस पर विस्तृत सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 19 जनवरी को सुनवाई पूरी करते हुए फैसला रिर्जव कर लिया। अब हाईकोर्ट की खंडपीठ के फैसले से यह तय होगा कि भर्ती रद्द रहेगी या फिर एकलपीठ का फैसला रद्द होगा।


