एसआई भर्ती 2021 में हाई कोर्ट की सिंगल बैंच के फील्ड ट्रैनिंग-पोस्टिंग रोकने के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई है। ट्रेनिंग ले रहे करीब 50 सब इंस्पेक्टर्स ने सिंगल बैंच के खिलाफ डिवीजन बैंच में अपील दायर की है। अपील पर हाई कोर्ट 22 जनवरी को सुनवाई करेगा। चेतन्य सिंघल व अन्य की ओर से दायर अपील में कहा गया है कि कुछ उम्मीदवारों द्वारा कथित रूप से अपनाए गए अनुचित साधनों के आधार पर पूरी भर्ती को रद्द नहीं किया जा सकता है। इन अभ्यर्थियों के खिलाफ ट्रायल चल रहा है। उसमें यह तय होगा कि इन्होंने परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग किया है या नहीं। नियुक्ति मिलने के साथ हमें पद पर रहने का अधिकार है। अगर हम पर कोई विशिष्ट आरोप नहीं है तो केवल रिट याचिका में लगाए गए आरोपों के आधार पर हमें सेवा से बर्खास्त नहीं किया जा सकता है। लेकिन एकलपीठ ने इन तथ्यों पर ध्यान नहीं देते हुए पूरी भर्ती पर ही यथास्थिति के आदेश जारी कर दिए। जो पूरी तरह से गलत है। अपीलकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ एडवोकेट आरएन माथुर पैरवी करेंगे। सलेक्शन से पहले अधिकतर अभ्यर्थी कार्यरत थे
अपीलकर्ताओं की ओर से कहा गया है कि एसआईटी, महाधिवक्ता और कैबिनेट सब कमेटी की राय केवल सुझावात्मक है। एसआई भर्ती में सलेक्शन से पहले बड़ी संख्या में अपीलार्थी अन्य सेवाओं में कार्यरत थे। परीक्षा रद्द होने से उनके भविष्य पर विपरीत असर पड़ेगा। परीक्षा रद्द करना अपीलकर्ताओं के खिलाफ कलंक के समान है। इसलिए परीक्षा रद्द करने से पहले जांच के निष्कर्ष तक पहुंचना जरूरी है। एकलपीठ ने लगाई थी फील्ड-पोस्टिंग पर रोक
दरअसल हाई कोर्ट में जस्टिस समीर जैन की अदालत ने 18 नवम्बर, 6 जनवरी और 9 जनवरी के आदेश से पूरी भर्ती प्रक्रिया पर यथास्थिति के आदेश दिए थे। हाई कोर्ट की एकलपीठ के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने 10 जनवरी को आदेश जारी करते हुए भर्ती में फील्ड ट्रेनिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। इससे पहले सुनवाई के दौरान सरकार ने हाई कोर्ट में कहा था कि वह फिलहाल भर्ती को रद्द करने या नहीं करने पर कोई फैसला नहीं ले सकती हैं।


