हाईकोर्ट की खंडपीठ में गुरुवार को एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक से जुड़े मामले में चयनित अभ्यर्थियों ने पक्ष रखते हुए कहा कि जब प्रार्थी साक्षात्कार में शामिल हुए हैं तो वे इसके बाद भर्ती प्रक्रिया को चुनौती कैसे दे सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों ने खंडपीठ को बताया कि इस मामले में एसओजी की रिपोर्ट नकल कराने वाली गैंग के सदस्यों का इतिहास बताती है, न कि इस भर्ती के पेपर लीक को। इसके अलावा एकलपीठ में प्रार्थी रहे कई अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल और साक्षात्कार तक की प्रक्रिया तक पहुंचे थे। लेकिन वे असफल हो गए। ऐसे में नियमानुसार एक बार चयन प्रक्रिया में शामिल होने पर उसके बाद इसे अदालत में चुनौती नहीं दे सकते। चयनित अभ्यर्थियों का पक्ष सुनने के बाद खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 12 जनवरी को तय की। चयनित अभ्यर्थियों की ओर से यह भी कहा गया कि परीक्षा के कई विभिन्न चरण हुए थे। जिसके हर स्तर पर मिलीभगत साबित नहीं हुई है। इसके अलावा एसओजी, महाधिवक्ता और कैबिनेट उप समिति की रिपोर्ट सिर्फ सिफारिश मात्र थी। एकलपीठ में याचिकाकर्ताओं ने भर्ती को लेकर अंतिम निर्णय होने से पूर्व ही याचिका दायर कर दी। इसके बावजूद भी एकलपीठ ने भर्ती को रद्द करने के संबंध में आदेश दे दिए। गौरतलब है कि एसआई भर्ती: 2021 के इस मामले में राज्य सरकार की बहस पूरी हो चुकी है।


