भास्कर न्यूज | अमृतसर यूरोप के गुरुद्वारों के प्रतिनिधियों ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के फैसले की कड़ी निंदा की। उन्होंने अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह और तख्त केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह को समय से पहले हटाने के फैसले को मनमाना बताया। आरोप लगाया कि यह निर्णय धार्मिक महत्व को नजरअंदाज कर राजनीतिक हितों को साधने के लिए लिया गया। रविवार को यूरोप भर के गुरुद्वारों में बैठकें हुईं। इसके बाद ऑनलाइन बैठक में प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से जत्थेदारों को हटाने के फैसले को खारिज कर दिया। तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को हटाने के पहले के फैसले की भी निंदा की। उन्होंने मांग की कि जत्थेदारों को उनके पदों पर बहाल किया जाए।


