गुरमीत लूथरा | अमृतसर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंध को बेहतर बनाने के लिए कवायद शुरू हो गई है। एक दर्जन से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला जल्द होने की चर्चा है। पंथक सूत्रों के मुताबिक, सचिव-मैनेजर स्तर के अधिकारियों के तबादले के ऑर्डर 15 फरवरी को एसजीपीसी कार्यकारिणी की संभावित बैठक के बाद किसी भी समय जारी हो सकते हैं। एसजीपीसी में जारी घोटालों की गूंज के चलते प्रधान धामी की ओर से सचिव, मैनेजर व गुरुद्वारों के मुख्य मैनेजरों तक के तबादलों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, गुरुद्वारा श्री अंब साहिब मोहाली में हुए प्रॉपर्टी घोटाले के बाद एसजीपीसी प्रधान की ओर से गुरुद्वारों के प्रबंधकों के तबादले भी किए जाने की संभावना है। तबादलों से जहां गुरुद्वारा साहिबों और दूसरे विभागों में हो रहे घोटालों के चलते अधिकारियों के संगत के साथ संबंधों की कड़ी खत्म होगी, वहीं मैनेजमेंट को भी ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही मैनेजमेंट में होने वाली गड़बड़ियों को भी दूर किया जा सकेगा। यहां यह भी बताना ज़रूरी है कि इस समय शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में चीफ सचिव कुलवंत सिंह तथा ओएसडी सतबीर सिंह के अलावा शिरोमणि कमेटी के पीए शाहबाज सिंह के पास पर्सनल विभाग है। फिलहाल सचिव प्रताप सिंह के पास गुरुद्वारा सेक्शन 85 का पूरा काम है। धर्म प्रचार कमेटी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां की निगरानी में अतिरिक्त सचिव बिजै सिंह, डिप्टी सचिव सुखबीर सिंह और गुरदयाल सिंह काम देख रहे हैं। जबकि शिरोमणि कमेटी के गुरुद्वारा सेक्शन 85 के एडिशनल सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल और प्रॉपर्टी के एडिशनल सचिव प्रीतपाल सिंह मौजूद हैं। शिरोमणि कमेटी के अकाउंट्स, ट्रस्ट और एजुकेशन विभाग सुखमिंदर सिंह के पास हैं, जिनके साथ डिप्टी सचिव जसविंदर सिंह को तैनात किया गया है। एडिशनल सचिव तजिंदर सिंह पड्डा को स्पोर्ट्स, डिप्टी सचिव हरभजन सिंह वक्ता को बिल्डिंग एवं पब्लिसिटी, गुरनाम सिंह को फ्लाइंग स्क्वायड विभाग, बलदेव सिंह खैराबाद को गुरुद्वारा सेक्शन 87, मनजीत सिंह को पब्लिकेशन विभाग सौंपा हुआ है। शिरोमणि कमेटी में अलग-अलग ब्रांच सक्रिय हैं, जिनमें इंचार्ज, सुपरवाइजर, सहायक सुपरवाइजर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क, हेल्पर, सेवादार इत्यादि कर्मचारी तैनात हैं। शिरोमणि कमेटी के मुख्य विभागों में प्रकाशन विभाग, प्रिंटिंग प्रेस, सिख इतिहास अनुसंधान बोर्ड, गुरुद्वारा सेक्शन 85, गुरुद्वारा सेक्शन 87, पंजाब प्रचार, शिरोमणि कमेटी कार्मिक विभाग, धर्म प्रचार कमेटी कार्मिक विभाग, सिख रेफरेंस लाइब्रेरी, खरीद विभाग, आरटीआई विभाग, अकाउंट्स, इंटरनल ऑडिट, फ्लाइंग, गुरुद्वारा इंस्पेक्टर 85, गुरुद्वारा इंस्पेक्टर 87, रिकॉर्ड ब्रांच, कार्मिक विभाग, बिल्डिंग विभाग, स्टेशनरी, प्रचार, गुरुद्वारा गजट, यात्रा, रेवेन्यू, रेवेन्यू अफसर व पटवारी, इंटरनेट, आइटी विंग, वाहन, खेल, गुरुद्वारा प्रिंटिंग प्रेस, गोल्डन ऑफसेट प्रेस, शिरोमणि प्रिंटिंग प्रेस आदि शामिल हैं। गुरुद्वारों के प्रबंधन को गुरुद्वारा साहिबों की आमदन के हिसाब से ए, बी व सी ग्रेड में बांटा गया है। जिसमें सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब व तख्त श्री दमदमा साहिब माझा, मालवा व दोआबा के मुख्य केंद्र हैं। इसके अलावा गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब, गुरुद्वारा श्री बेर साहिब, गुरुद्वारा श्री सुल्तानपुर लोधी साहिब, गुरुद्वारा बीर बाबा बुड्ढा साहिब, गुरुद्वारा श्री तरनतारन साहिब, गुरुद्वारा बाबा बकाला साहिब, गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब बाबा दीप सिंह जी शहीद आदि को सेक्शन 85 में शामिल किया गया है। इनमें गुरुद्वारा साहिबों का मुख्य प्रबंधन, लंगर, इमारतें, शराबखाने आदि की व्यवस्था बड़ी मानी जाती है, कई गुरुद्वारा साहिबों में मुख्य मैनेजर के साथ अतिरिक्त व उप मैनेजर भी नियुक्त किए गए हैं। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब का प्रबंधन बड़ा होने के कारण यहां लंगर, तहखाने, परिक्रमा, बाहरी गुरुद्वारा साहिबों, इमारतों, संपत्तियों आदि के लिए मुख्य मैनेजर के साथ मैनेजर, अतिरिक्त मैनेजर व उप मैनेजर भी नियुक्त किए गए हैं।


