सलूंबर जिले में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) और थाना स्तर पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बाल अपराधों की प्रभावी रोकथाम और बाल संरक्षण सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। बैठक में किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान और वर्तमान में बढ़ते साइबर क्राइम को रोकने के उपायों पर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। पुलिस अधीक्षक यादव ने बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों और किशोरों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतें। उन्हें सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराएं और उनके समग्र विकास के लिए प्रयास करें। उन्होंने पोक्सो और जेजे एक्ट में निर्धारित गाइडलाइन और प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने तथा नवीन प्रावधानों का समय-समय पर अध्ययन करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों से जुड़े मामलों में कार्यवाही संबंधी आवश्यक दस्तावेज राजस्थान पुलिस विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन चावला ने बाल एवं महिला संरक्षण के हित में उपयोगी सुझाव दिए। यूनिसेफ की संभागीय बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने ‘पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन’ कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बालकों का उचित संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।


