650 करोड़ खर्च करके बुड्ढा दरिया को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से दो नए एसटीपी बनाए गए हैं और पुराने को अपडेट किया गया है। इस कार्य को सम्पन्न हुए दो साल हो चुके हैं। हैरानी वाली बात ये है कि पंजाब वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड को अब जाकर याद आई है कि यहां पर एक ईआरपी रिमोट ऑनलाइन मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर भी लगाया जाना था। जमालपुर में 225 एमएलडी और बलोके में नए बने 60 एमएलडी के नए एसटीपी पर ये नए सॉफ्टवेयर पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड लगाएगा। इसका मुख्य काम ये है कि वहां पर कितना पानी आया और कितना पानी ट्रीट होकर गया। प्लांट में किस किस प्रकार की गतिविधियां हो रही हैं, उसकी ऑनलाइन नजर रखेगा। इसके अलावा इस सॉफ्टवेयर से एसटीपी में अगर किसी जगह कोई खराब या सिस्टम काम नहीं कर रहा है, उसे भी जानकारी देगा। कितना पानी दूषित आया और कितने फीसदी तक साफ पानी यहां पर हुआ है, वो सारी तकनीकी जानकारी इस सॉफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन दर्ज होगी। बता दें कि बोर्ड इस संबंध में 1.32 करोड़ रुपए की लागत से नया सॉफ्टवेयर खरीदेगा। हालांकि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भी 650 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट के तहत भी अलग से मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर वहां पहले से लगे हैं। अब बोर्ड द्वारा अलग से नया सॉफ्टवेयर खरीदा जाएगा।


