एससीआर प्राधिकरण बनेगा, छात्र स्टार्टअप नीति को मंजूरी:नवा रायपुर, दुर्ग-भिलाई मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन बनाने की दिशा में बड़ा कदम

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र यानी स्टेट कैपिटल रीजन(एससीआर) के लिए प्राधिकरण बनाने की मंजूरी मिल गई है। यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इसके साथ ही 12 अन्य फैसले भी ​लिए गए। दरअसल, रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर अटल नगर में तेजी से आबादी बढ़ने के साथ शहरीकरण हो रहा है। इसे देखते हुए इन क्षेत्रों के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए यह प्राधिकरण काम करेगा। इसके अलावा युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार से सशक्त बनाने के लिए छात्र स्टार्ट-अप और नवाचार नीति लागू करने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य छात्र-केंद्रित नवाचार और इन्क्यूबेशन सिस्टम बनाना है। लक्ष्य राज्य के 100 तकनीकी संस्थानों के 50 हजार छात्रों तक पहुंचना है। 500 प्रोटोटाइप्स का समर्थन करना, 500 बौद्धिक संपदा अधिकार फाइल करना और 150 स्टार्टअप को इन्क्यूबेट करना है। इससे युवाओं को नई सोच विकसित करने में मदद मिलेगी। प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के लिए योजना बनाना, निवेश को बढ़ावा देना, सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करेगा। छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र प्राधिकरण के सीएम विष्णुदेव साय चेयरमेन होंगे। इसमें सभी मंत्रियों को भी शामिल किया जाएगा। प्राधिकरण को लेकर जल्द ही एक्ट भी लागू किया जाएगा। इसका ड्राफ्टिंग की जा रही है। प्राधिकरण के साथ ही एक एक्जीक्यूटिव कमेटी भी होगी। इसमें सभी विभागों के सचिव शामिल रहेंगे। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण को फिलहाल इसके लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। आईएएस चंदन कुमार इसकी मानिटरिंग कर रहे हैं। प्राधिकरण के क्षेत्र में उदाहरण के लिए मेट्रो लाना है तो उस इलाके के कलेक्टर से लेकर सरपंच तक को शामिल कर प्लानिंग की जाएगी। अभी रायपुर, आरंग, भिलाई-दुर्ग, अभनपुर आदि के अपने-अपने मास्टर प्लान हैं। अर्बन व रूरल एरिए के लिए अलग प्लान बनाने पड़ते हैं, लेकिन अब पूरे प्राधिकरण वाले क्षेत्र के लिए रीजनल प्लान बनेगा। हर छोड़ी-बड़ी चीज को लेकर इसमें बात होगी। जैसे इसमें यदि किसी प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती की जमीन को संरक्षित करने की जरूरत पड़ेगी, तो उस पर भी प्लानिंग होगी। भोपाल, लखनऊ हैदराबाद आदि में इस तरह के प्राधिकरण बनाए गए हैं। हरियाणा में हुडा का गठन किया गया है। – विनीत नायर, ज्वाइंट डायरेक्ट टाउन प्लानिंग ये भी फैसले: जमीनों को लेकर नई व्यवस्था मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे नक्शा बंटवारे और अभिलेखों के अद्यतनीकरण में सहूलियत होगी। अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी। जियो-रेफरेंस मैप से भविष्य में कानूनी विवाद कम होंगे। नामांतरण की प्रक्रिया आसान होगी। इसके अलावा कैबिनेट ने राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के उचित प्रबंधन के लिए सेवा अवधि पूरा कर चुके 2005, 2006, 2007, 2008 तथा 2009 बैच के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान देने का फैसला किया है। इसके लिए 30 नए पद निर्मित किए जाएंगे।

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