राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में ए++ ग्रेड विवाद के बीच राज्य शासन ने रजिस्ट्रार डॉ. मोहन सेन को मंगलवार को पद से हटा दिया। उनके स्थान पर आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इससे पहले डॉ. सेन ने नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (नैक) को ईमेल भेजकर मूल्यांकन में कथित गड़बड़ियों का खुलासा किया। उन्होंने लिखा-एसएसआर रिपोर्ट उनके हस्ताक्षर से नहीं भेजी गई थी और रिपोर्ट में कई भ्रामक जानकारियां सामने आई हैं। नैक से प्राप्त ए++ ग्रेड को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। डॉ. सेन ने नैक के डायरेक्टर और राज्य शासन को भेजे ईमेल में मूल्यांकन प्रक्रिया पर आपत्ति जताई और मांग की कि विवि द्वारा प्रस्तुत डेटा का भौतिक सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी न हो , तब तक ए++ ग्रेड को होल्ड पर रखा जाना चाहिए। कुलपति प्रो. एससी चौबे ने कहा कि विवि को अधिकृत तौर पर आदेश अब तक नहीं मिला है। इसलिए डॉ. सेन रिलीव नहीं हुए हैं। डॉ. सेन ही अभी रजिस्ट्रार हैं। आरोप- डेटा में हेरफेर की आशंका डॉ. सेन ने आरोप लगाया कि नैक मूल्यांकन के लिए प्रस्तुत पीडीएफ और एक्सेल फाइलों में विवि के शीर्ष अधिकारियों-रजिस्ट्रार, फाइनेंस कंट्रोलर और यूआईटी डायरेक्टर के हस्ताक्षर व मुहरें स्कैन कर जोड़ी गई प्रतीत होती हैं। उनका कहना है कि यह डेटा विवि के वास्तविक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता, जिससे आंकड़ों में हेरफेर की आशंका है। उन्होंने बताया कि एसएसआर साइकल-2 (नवंबर 2024) के लिए आईक्यूएसी समन्वयक द्वारा भेजी गई जानकारी वर्तमान प्राधिकरणों से सत्यापित नहीं कराई गई। डॉ. सेन फरवरी 2024 से रजिस्ट्रार हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में कोई डेटा सत्यापन प्रक्रिया नहीं हुई। कुलसचिव कार्यालय में डेटा स्वीकृति से जुड़ी कोई नोटशीट भी उपलब्ध नहीं है। ईमेल में एसएसआर के कई तथ्यों को गलत बताया गया है। 300 नैक मान्यता प्राप्त कॉलेजों का दावा, शिक्षकों के कंटेंट डेवलपमेंट, सरकारी अनुदान और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रांट की जानकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती। तकनीकी शिक्षा विभाग ने भी दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट मांगी है, लेकिन सत्यापित प्रतियां अब तक नहीं दी गईं।
तकनीकी शिक्षा विभाग ने भी नैक को भेजी गई जानकारी की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आईक्यूएसी निदेशक डॉ. अर्चना तिवारी से ए++ ग्रेड से जुड़े दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां मांगी गईं, लेकिन अब तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। एबीवीपी ने जताई आपत्ति अवधेश शर्मा को रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब आरजीपीवी के रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार किसी आईएएस अफसर को दिया गया हो। इस पर एबीवीपी ने आपत्ति भी दर्ज कराई है।
रजिस्ट्रार का पत्र प्राप्त हुआ है और जल्द ही इसे नैक की कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कमेटी की अनुशंसा के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। – प्रो. गणेशन कन्नावीरान, डायरेक्टर, नैक, बैंगलुरु


