बीकानेर के सिंजगुरु गांव के जवान कुम्भाराम पिलानिया ने न सिर्फ भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी हैं, बल्कि वह देशभक्ति गीतों के माध्यम से जवानों के हौसले को नई ऊंचाई देने का काम भी कर रहे हैं। कुम्भाराम पिलानिया ने अब तक 73 देशभक्ति गीत लिखे हैं, जिनमें से कई गीत सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। उनके गीत ए मेरे वतन के साथी और बॉर्डर पर गोलियां चले जैसे प्रसिद्ध गीतों ने युवाओं के दिलों में देशभक्ति की अलख जलाई है। कुम्भाराम का जीवन संघर्षों से भरा हुआ रहा है। एक किसान परिवार में जन्मे कुम्भाराम के लिए शुरुआती जीवन में कई कठिनाइयां आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कुम्भाराम की मेहनत और संघर्ष ने उन्हें भारतीय सेना में एक सशक्त स्थान दिलवाया और साथ ही वह एक देशभक्ति गीतकार भी बन गए। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि समस्त बीकानेर और देशवासियों के लिए प्रेरणा है। वह जवानों को एक नई ऊर्जा देने का काम करते हैं, जहां उनकी धुन और आवाज सैनिकों को युद्ध के मैदान में भी प्रेरित करती है।


