जिले में साइबर ठग रोजाना नए तरीकों से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। देई, नैनवां, करवर क्षेत्र में साइबर ठगों का एक रैकेट बना हुआ है। इस बार 2 करोड़ 54 लाख 79 हजार रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया। साइबर ठग ने लूप वायरस डालकर कंपनी का सिस्टम हैक किया और लगातार कंपनी के पैसे अलग-अलग खातों में डालता रहा। साइबर ठग लूडो प्लेयर के नाम से बने एप में गेम खेलने के बहाने जुड़ा और कंपनी के अकाउंट को ही हैक कर पिछले 5 माह से पैसे निकाल रहा था। जानकारी के अनुसार 15 से 17 दिसंबर तक 3 दिन में 1 करोड़ 52 लाख रुपए कंपनी के अकाउंट से एक साथ कम हुए, तब कंपनी संचालकों को साइबर ठगी का पता लगा। इसके बाद बैंक में जाकर इसकी पड़ताल की तो बूंदी, नैनवां की बैंकों में पैसे डालना सामने आया। इसके बाद कंपनी संचालक दौसा निवासी नरेश यादव ने साइबर ठगी का बूंदी साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इधर, साइबर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश तेज कर दी है और उसके गांव, परिचितों के यहां गिरफ्तारी करने के लिए दबिश दे रही है। अब जांच तक 15 अकाउंट का पैसा फ्रीज करवाया है, ताकि पैसे नहीं निकाल सकें। कंपनी में 10000 से 15000 लोग रोज पैसा ट्रांजेक्शन करते हैं। ऐसे में पता नहीं लग रहा था। इस दौरान 15 से 17 दिसंबर तक 1 करोड़ 52 लाख रुपए निकले तो एक साथ बड़ी रकम कंपनी के अकाउंट से कम हुई। बैंक जाकर पता किया तो सामने आया कि जिले की बैंकों में अलग-अलग खातों में यह पैसा डल रहा है। पड़ताल की तो पता लगा कि आरोपी जजावर निवासी दुर्गाशंकर पहले तो खुद के रजिस्ट्रेशन से पैसे निकालता रहा। इसके बाद 15 से 20 रिश्तेदारों, परिचितों को कंपनी से जोड़ा और उनके भी रजिस्ट्रेशन किया। उनके अकाउंट में भी लगातार पैसे डाल रहा था। उसकी बदमाशी यहीं नहीं रुकी, एक साथ बड़ी रकम अकाउंट में आने के बाद उसने कई लोगों के 1-1 लाख रुपए बैंक अकाउंट में डाले। हालांकि, साइबर पुलिस की जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और भी व्यक्ति सामने आ सकते हैं। “2 करोड़ 54 लाख रुपए की साइबर ठगी की शिकायत आई थी। साइबर थाना में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिन खातों में कंपनी का अकाउंट हैक कर पैसे डाले गए थे, उनको भी फ्रीज कराया है। वहीं आरोपी की तलाश तेज कर दी है। जो भी ठगी के प्रकरण में शामिल होंगे, उनको बख्शा नहीं जाएगा। वेबसाइट में लूप यानी खाली जगह में वायरस छोड़कर ठगी को अंजाम दिया गया।” – राजेंद्र कुमार मीणा, एसपी


