डीग जिले के मेवात क्षेत्र के पहाड़ और जंगलों में शरण लेकर अपनी गैंग संचालित कर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। कामां थाने के गांव अकबरपुर पहाड़ी पर ठगों को पकड़ने के लिए पुलिस ने चार घंटे ऑपरेशन चलाया। 10 ठगों को गिरफ्तार कर 5 नाबालिगों को निरुद्ध कर 15 मोबाइल और 12 फर्जी सिम भी जब्त किए हैं। मोबाइल फोन में करीब 10 लाख रुपए के लेनदेन के ट्रांजेक्शन मौजूद हैं। कामां थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि कामां थाने के गांव अकबरपुर पहाड़ी में ऑनलाइन साइबर ठगी करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। डीएसटी टीम प्रभारी वीरेंद्र सिंह, प्रेमचंद शर्मा सहित थाने की पुलिस टीम को लेकर पहाड़ के चारों ओर घेराबंदी की गई। पहाड़ के ऊपर साइबर ठग मोबाइलों को चलाते नजर आए। पुलिस को देखकर ठग खेत और जंगलों की तरफ भागने लगे लेकिन पुलिस कर्मियों ने उनका पीछा करते हुए 5 बाल अपचारियों को निरुद्ध करते हुए 10 ऑनलाइन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ठगों के फोनों को चैक किया गया तो सैक्स एक्सटॉर्शन संबंधी वीडियो व लड़कियों के फोटो चित्र पाए गए। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हम सभी गिरोह बद्ध तरीके से लोगों से ठगी करते है। ऑनलाइन ठगी से प्राप्त धन को फर्जी पहचान पत्रों से जारी बैंक खातों में डलवाकर फर्जी एटीएम कार्डों से निकालकर निजी उपयोग में लेते है। ऑपरेशन शील्ड का मकसद, साइबर क्राइम को जड़ से खत्म करना डीग जिले में साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। ऑपरेशन एंटीवायरस के साथ-साथ अब ऑपरेशन शील्ड भी शुरू कर दिया गया है, जिसका मकसद साइबर ठगी को समूल से नष्ट करना है। 1930 के शिकायतों का निस्तारण एफआईआर दर्ज करना। चोरी के मोबाइल बरामद करना और बाकी सारा एंटीवायरस की करवाई को और गहराई तक पहुंचाना। साइबर ठगों की सूची बनाकर उन्हें लोकेशन के आधार पर पकड़ना। कामां थाना पुलिस ने ये ठग किए गिरफ्तार कामां थाना क्षेत्र के गांव अकाता निवासी लियाकत पुत्र हारून,तालिम पुत्र तैयब मेव,मिजान उर्फ मिज्जा पुत्र कमाल मेव,मुनफेद पुत्र जुहरू मेव,वारिस पुत्र नूरू मेव,कामां थाने के गांव लेवडा निवासी अरबाज पुत्र जाकिर मेव,राहुल पुत्र ईशाक मेव,इन्साफ पुत्र जाकिर मेव,कामां थाने के गांव खेडा बास उदाका निवासी रासिद पुत्र अलीम निवासी मेव व जुरहरा थाने के गांव भण्डारा निवासी राहुल पुत्र सहाबू मेव को पुलिस ने पहाड़ और खेतों में भाग कर गिरफ्तार किया है। “अब हम कुछ ज़्यादा संख्या में अपराधग्रस्त बड़े गांवों को टारगेट कर रहे हैं, यह हमारी नई रणनीति है। आने वाले दिनों में हम साइबर क्राइम के जांच अधिकारियों की मदद के लिए आईजी कार्यालय में एक तकनीकी सहायता डेस्क स्थापित करेंगे।”
-राहुल प्रकाश, आईजी भरतपुर।


