मैदान चाहे जंग का हो या फिर क्रिकेट का…। पाकिस्तान ने भारत के सामने हमेशा घुटने टेके हैं। 2019 में मैचेस्टर, 2017 में बर्मिंघम और 1999 में मैनचेस्टर इसके गवाह बने हैं।रविवार को एक मौका फिर आया है, जब भारत और पाकिस्तान की टीमें जंग के बाद क्रिकेट के मैदान पर आमने-सामने हैं। अब देखना यह है कि दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले में बाजी कौन मारता है। पिछले चार मौकों में भारत ने जंग के बाद पहले मैच में पाकिस्तान को हर बार धूल चटाई है। इस स्टोरी में हम जंग के बाद खेले गए ऐसे ही मैचों की कहानी लाए हैं…आगे पढ़िए क्रिकेट के इतिहास में भारत-पाकिस्तान की टीमें 1952 से आपस में मैच खेल रही है। उस मुकाबले को भारतीय टीम ने पारी और 70 रनों से जीता था। उस मुकाबले में वीणू मांकड़ ने कुल 13 विकेट झटके थे। उन्होंने पहली पारी में 8 और दूसरी पारी में 5 विकेट झटके थे। हालांकि, यह मैच हमारी स्टोरी का हिस्सा नहीं है, क्योंकि यह मैच पाकिस्तानी कबायलियों के हमले और उसके बाद हुए युद्ध के 3 साल बाद 1952 में खेला गया था। जंग के बाद पहले भारत-पाकिस्तान मैच की कहानी 1965 की जंग के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कोई मैच नहीं खेला गया। दोनों टीमों ने 13 फरवरी और 30 सितंबर 1978 तक कोई मैच नहीं खेला था। क्रिकेट इतिहास में भारत और पाकिस्तान की टीमें जंग के दौरान या उसके कुछ महीनों बाद 4 मौकों पर ही आमने–सामने हुई हैं। पहला मौका: 1971 युद्ध के बाद पहला मैच यह भारत-पाकिस्तान जंग के बीच का पहला मैच था। 1971 की जंग में पाकिस्तान को करारी हार झेलनी पड़ी थी। तब 90 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों ने भारत के सामने आत्म समर्पण कर दिया था। इस युद्ध के बाद भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों का सामना क्वेटा में हुआ। तब भारतीय टीम ने पाकिस्तान का दौरा किया था। 3 मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर बैटिंग की थी। टीम ने 7 रन पर ओपनर चेतन चौहान (2 रन) का विकेट गंवा दिया था। अंशुमन गायकवाड़ भी खास प्रदर्शन नहीं कर सके। एक समय टीम का स्कोर 60/3 था। ऐसे में मोहिंदर अमरनाथ (51 रन) ने अर्धशतकीय पारी खेली, वहीं कपिल देव ने नाबाद 13 रन बनाकर टोटल 170 रन पहुंचाया। जवाबी पारी में पाकिस्तानी ओपनर माजिद खान ने 50 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। लेकिन शेष बल्लेबाजों का उन्हें साथ नहीं मिलने के कारण पाकिस्तान की टीम निर्धारित 40 ओवर में 8 विकेट पर 166 रन ही बना सकी। जहीर अब्बास 26 रन का योगदान ही दे सके थे। भारत की ओर से बिशन सिंह बेदी और मोहिंदर अमरनाथ को 2-2 विकेट मिले थे। दूसरा मौका: 1999 कारगिल युद्ध के बाद पहला मैच बात 3 मई 1999 की है, भारतीय सेना को एक स्थानीय चरवाहे ने घुसपैठ की सूचना दी। पेट्रोलिंग करने के बाद पता चला कि पाकिस्तान के सैनिकों ने भारतीय सीमा पर घुसपैठ की है। पाकिस्तानी सेना की कई टुकड़ियों ने भारी गोला-बारूद के साथ कारगिल जिले की ऊंची चोटियों पर पहुंचकर भारतीय चौकियों पर कब्जा कर लिया था। ऐसे में भारतीय सेना ने 26 मई को ऑपरेशन विजय शुरू किया। कारगिल जिले में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध चल रहा था। उधर, मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर 8 जून 1999 को भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने थीं। दोनों के बीच वर्ल्ड कप का सुपर-6 स्टेज का चौथा मैच खेला जा रहा था। भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। टीम ने राहुल द्रविड़ (61 रन), कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन (59 रन) और सचिन तेंदुलकर (45 रन) की पारी के सहारे 6 विकेट पर 227 रन बनाए थे। उस मुकाबले में वेंकटेश प्रसाद की घातक गेंदबाजी ने 228 रन का टारगेट चेज कर रही पाकिस्तान को 45.3 ओवर में 180 रन पर ऑलआउट कर दिया था। वेंकटेश प्रसाद ने 5 विकेट झटके थे, जबकि जवागल श्रीनाथ को 3 विकेट मिले। अनिल कुंबले को भी एक विकेट मिला था। वेंकटेश प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। तीसरा मौका: 2016 सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहला मैच 18 सितंबर 2016 को सुबह 5 बजे आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में हमला किया। इस हमले में 18 भारतीय जवान शहीद हो गए। जवाब में भारतीय सेना ने 10 दिन के अंदर 28 सितंबर को आधी रात एलओसी पार करके सर्जिकल स्ट्राइक की और 40 आतंकवादियों को ढेर कर दिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों का सामना अगले साल 4 जून को बर्मिंघम के मैदान पर हुआ। इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी खेली जा रही थी। चौथे मैच में पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। सिक्का गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम ने टॉप-4 बैटर्स के अर्धशतकों के सहारे पाकिस्तान को 320 रन का टारगेट दिया। ओपनर रोहित शर्मा ने 91 रन, शिखर धवन ने 68 रन, विराट कोहली ने नाबाद 81 रन और युवराज सिंह ने 53 रन की पारियां खेली थीं। जवाब में पाकिस्तानी ओपनर अजहर अली ने 50 रन की पारी खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत देने की कोशिश की। लेकिन, उन्हें किसी अन्य बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। बाबर आजम 8, शोएब मलिक 12 और कप्तान सरफराज अहमद 15 रन बनाकर आउट हुए। भारत के लिए उमेश यादव, हार्दिक पंड्या और रवींद्र जडेजा ने 2-2 विकेट झटके थे। युवराज सिंह प्लेयर ऑफ द मैच रहे। हालांकि, इसी टूर्नामेंट के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को ही 180 रन से हराकर ट्रॉफी जीती थी। चौथा मौका: 2019 बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहला मैच 14 फरवरी 2019 को आतंकवादियों ने पुलवामा जिले के लेथपोरा इलाके में CRPF के काफिले पर हमला किया। इस आत्मघाती हमले में 40 सैनिक शहीद हो गए थे। इसके बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले किए और कई आतंकी ठिकानों को तबाह किया और करीब 300 आतंकवादियों को मार गिराया। पुलवामा अटैक के चार महीने बाद भारत और पाकिस्तान की टीमों का सामना वनडे वर्ल्ड कप में हुआ। 16 जून 2019 को मैनचेस्टर में खेले गए इस मैच में भारतीय बैटर्स ने विस्फोटक पारियां खेलीं। ऐसा लग रहा था कि मानो वे पाकिस्तानी गेंदबाजों से पुलवामा अटैक का बदला ले रहे हों। केएल राहुल ने 4 चौके और 2 छक्के के सहारे 57 रन बनाए। जबकि रोहित शर्मा ने 14 चौकों और 3 छक्कों के दम पर 140 रन डाले। 136 के स्कोर पर राहुल के आउट होने के बाद विराट कोहली ने 7 चौकों के सहारे 77 रन बनाए। हार्दिक पंड्या ने भी 19 बॉल पर 26 रन बनाए। इन पारियों के दम पर भारत ने 5 विकेट पर 336 रन बनाए थे। जवाब में पाकिस्तान ने 212 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे। फखर जमान ने 62 रन बनाए। बाबर आजम ने 48 और इमाद वसीम ने नाबाद 46 रन बनाए थे। विजय शंकर, हार्दिक पंड्या और कुलदीप यादव को 2-2 विकेट मिले। भारत ने इस मुकाबले को DLS मैथड के तहत 89 रन से जीता था।


