बुरहानपुर में शारदीय नवरात्रि के समापन पर जिलेभर में प्रतिमा विसर्जन का दौर बुधवार से गुरुवार शाम तक चला। अधिकांश प्रतिमाएं परंपरा के अनुसार ताप्ती नदी में विसर्जित की गईं, वहीं प्रशासन द्वारा एनजीटी नियमों के तहत बनाए गए दो कुंडों में भी देर रात तक प्रतिमा विसर्जन होता रहा। गुरुवार को विभिन्न नवदुर्गा मंडलों ने नावों के माध्यम से प्रतिमाओं का ताप्ती नदी में विसर्जन किया। इस दौरान निकली झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनीं। सबसे अधिक ध्यान खींची सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति सिलमपुरा प्रतापपुरा की झांकी, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से प्रेरित होकर तैयार किया गया था। समिति के दिलीप पाटीदार ने बताया कि यह झांकी हाल ही में संपन्न हुए सैन्य अभियान की सफलता से प्रेरित थी। जिला प्रशासन ने आयुर्वेदिक कॉलेज के पास और जैनाबाद फाटे पर कुंड बनवाए थे, हालांकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रूप से नदी में ही प्रतिमाओं का विसर्जन किया। बुधवार से गुरुवार शाम 4 बजे तक चले इस आयोजन में जिलेभर से भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और धार्मिक उत्साह के साथ देवी प्रतिमाओं को विदाई दी।


