मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने धर्म आधारित आतंकवाद पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह घृणा और मन से उपजा विचार है, जिसके प्रसार के लिए शारीरिक सहायता गौण है। कोर्ट ने आतंकवाद और गैरकानूनी गतिविधियों के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे आरोपी सयैद अली की जमानत याचिका खारिज कर दी। जबलपुर निवासी अली को एनआईए दिल्ली ने 26 मई 2023 को गिरफ्तार किया था। उस पर ऑर्डनेंस फैक्ट्री जबलपुर पर हमला करने की साजिश और विस्फोटक सामग्री तैयार कराने का आरोप है। एनआईए की चार्जशीट में अली की गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्तता के पर्याप्त सबूत मिले, जिनमें गवाहों के बयान, कॉल डिटेल्स और सह- आरोपियों के साथ संबंध शामिल हैं। भोपाल की एनआईए स्पेशल कोर्ट ने भी 12 अप्रैल 2024 को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अनुचित उदारता नहीं दिखाई जा सकती। जांच में सामने आया-जाकिर नाइक से था प्रभावित अली
एनआईए जांच में पाया गया कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान सयैद अली और उसके साथियों ने जाकिर नाइक के वीडियो देख धर्म की तुलना का ज्ञान प्राप्त किया। सह-आरोपी आदिल खान नाइक के विचारों से प्रभावित होकर जिहाद में रुचि लेने लगा। आरोपी अन्य इस्लामी वक्ताओं के व्याख्यान भी सुनता था।


