1. वीरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग खंड बांसवाड़ा 2. बलराम मीणा, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग खंड नगर बांसवाड़ा ^कार्य पूरा किए बिना ही इसके पूर्ण होने का बोर्ड लगा दिया है तो यह गलत है। इसे दिखवाता हूं। वैसे भी काम जिस दिन पूरा होगा, हम उसी दिन से गारंटी पीरियड मानेंगे। – वीके शाह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी खंड बांसवाड़ा विश्वजीत गोले | बांसवाड़ा शहर में ओजरिया बाइपास सड़क के निर्माण में अनियमितता सामने आई है। यहां सड़क बनी ही नहीं और ठेकेदार महालक्ष्मी एसोसिएट्स ने बोर्ड लगाकर सूचना चस्पा कर दी कि सड़क का काम पूरा हो चुका है। बोर्ड पर लिखा है कि सड़क का काम 16 जुलाई 2024 को प्रारम्भ हुआ था और 15 जनवरी 2025 को कार्य पूर्ण हो चुका है। कार्य पूर्ण होने की तिथि से 5 वर्ष तक महालक्ष्मी एसोसिएट्स इसका रखरखाव करेगी। जबकि सच यह है कि सड़क का काम महज 10 दिन पहले ही शुरू किया गया है। दरअसल, ओजरिया बाइपास पर बसी 11 से अधिक कॉलोनियों में लगभग 3 हजार लोग निवास कर रहे हैं। लगभग 15 साल पहले यह बाइपास घोषित हुआ तब सड़क बनी थी, जो अब पूरी तरह टूट चुकी है। लोग पिछले 4-5 साल से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। आखिर सरकार ने 3 किलोमीटर इस सड़क के निर्माण की मंजूरी दी। इसके बाद 16 जुलाई 2024 को पीडब्ल्यूडी ने महालक्ष्मी एसोसिएट्स को 55.07 लाख रुपए का कार्यादेश जारी किया। इसके तहत नई नॉन पेचेबल सड़क बनानी थी। सड़क निर्माण में घटिया सामग्री काम में ली जा रही है। गिट्टी की जगह पुराने खुरचकर निकाले गए मलबे का इस्तेमाल किया जा रहा है। सड़क के बेस में इसे पानी के साथ बिछाया जा रहा है और उसके ऊपर डामर की सड़क बनाई जा रही है। ऐसे में आशंका खड़ी हो गई है कि पहली बारिश में ही सड़क बह जाएगी। किसी भी निर्माण में गुणवत्ता के मद्देनजर टेंडर में ठेकेदार का गारंटी समय तय किया जाता है। ऐसे में निर्माण और मरम्मत शुल्क को एक साथ जोड़कर ही टेंडर जारी किया गया। नियमानुसार इस सड़क पर 5 साल की गारंटी है। यानी सड़क बनने के बाद 5 साल तक उसका रखरखाव-मरम्मत ठेकेदार करेगा। ठेकेदार ने मौके पर लगाए बोर्ड पर 5 साल की गारंटी लिख भी रखी है। लेकिन गड़बड़ी यह है कि निर्माण ही कार्यादेश जारी होने के एक साल बाद शुरू किया गया है। इससे एक साल की गारंटी तो कागजों में ही खत्म हो चुकी है। दस दिन पहले शुरू हुए काम के बाद अब तक 10% सड़क ही बनी है, जिसे पूरी होने में अभी समय लगेगा।


