ओडिशा से आ रही कार से 35 लाख का गांजा जब्त, दो राज्यों के नंबर प्लेट भी बरामद किए

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर करीब एक साल बाद एक बार फिर से गांजा तस्करों को पकड़ने में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। तपकरा पुलिस ने तपकरा से घुमरा होते हुए बनडेगा जाने वाली सड़क नाकेबंदी कर एक कार की तलाशी उसमें से एक क्विंटल गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत 35 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने कार सहित गांजा जब्त करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। आरोपी ओडिशा से कार में गांजा लेकर यूपी जा रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुखबिर से पुलिस को रविवार की सुबह सूचना मिली थी कि ओडिशा से एक स्विफ्ट कार में भारी मात्रा में गांजा भरकर जशपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर तपकरा पुलिस ने तपकरा, घुमरा बनडेगा सड़क पर नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। मुखबिर के बताए अनुसार जैसे ही सफेद रंग की कार नाके में पहुंची, पुलिस ने रुकवाकर उसकी तलाशी ली। मुखबिर ने पुलिस को कार का नंबर सहित चालक का हुलिया तक बता दिया था। कार की तलाशी के दौरान पुलिस ने यहां से ड्राइवर के बगल वाली सीट के नीचे गांजा के 7 पैकेट, पीछे की सीट के नीचे से 11 पैकेट व कार के पीछे डिक्की से 28 पैकेट कुल 46 पैकेट जब्त किए। गांजा भूरे रंग की प्लास्टिक टेप पैक किया गया था। जब्त गांजे का वजन कराने पर यह 1 क्विंटल के करीब निकला। जिसकी बाजार में कीमत लगभग 35 लाख रु है। इस मामले में पुलिस ने यूपी के जिला भदोही के मुशीलाठपुर निवासी सूरज गौतम पिता धीरन बलीराम गौतम (19) और जिला जौनपुर थाना दुर्गागंज के सहरमा निवासी शिवम गुप्ता पिता वालेश गुप्ता (23) को गिरफ्तार किया है। तपकरा के घुमरा बनडेगा होते हुए ओडिशा निकलने वाली इस सड़क पर तस्कर पहली बार पकड़े गए हैं। दरअसल ओडिशा से मादक पदार्थ की तस्करी रोकने के लिए तपकरा-लवाकेरा स्टेट हाईवे पर लवाकेरा में बैरियर लगा है। जहां गाड़ियों की जांच होती है। इस बैरियर पर पूर्व में कई गांजा तस्कर पकड़े जा चुके हैं। इसके बाद तस्करों ने स्टेट हाइवे की मुख्य सड़क का उपयोग बंद कर दिया था और तस्कर ओडिशा के तलसरा से नामनी होते हुए सिंगीबहार निकलते थे। इस सड़क पर भी पूर्व के सालों में पुलिस ने कई गांजा तस्करी के कई मामले पकड़े। तस्करी रोकने के लिए इस सड़क पर नामनी में पहले चेकपोस्ट की स्थापना की गई और बाद में उपरकछार में पुलिस की चौकी खुल गई। इन दो रास्तों पर पुलिस की चेकिंग के बाद अब तस्कर तपकरा से घुमरा बनडेगा होते हुए ओडिशा जाने वाली सड़क का उपयोग कर रहे थे। मालूम हो कि यह पीएमजीएसवाई की सड़क है। जो लवाकेरा और नामिनी बैरियर की चेकिंग से बचाती है। बीते साल 25 मामलों में जब्त हुआ था इससे कम गांजा, 46 आरोपी काट रहे सजा मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर साल 2024 में जशपुर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की बात करें तो बीते साल पूरे एक साल में पुलिस ने जितना गांजा जब्त किया था, उससे कहीं अधिक गांजा इस एक कार्रवाई में जब्त हुआ है। बीते साल जशपुर जिले के विभिन्न थाना व चौकी की पुलिस ने मिलकर गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के 25 प्रकरण दर्ज किए थे। इन प्रकरणों में पुलिस ने 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और 21 लाख 41 हजार रुपए के मादक पदार्थ जब्त किए थे। इन मादक पदार्थों में गांजा के साथ सीरप, नशीली दवाएं भी शामिल थीं। नामनी में चेकपोस्ट लगा तो तस्करों ने ढूंढ ली नई सड़क नहीं टूटा है नशे का कॉरिडोर ओडिशा से गांजा की तस्करी के मामले कम आने से ऐसा लग रहा था कि नामनी में बैरियर लगने और उपरकछार में चौकी खुल जाने के बाद अब तस्करों का रास्ता बंद हो गया है। पर तपकरा घूमरा सड़क पर मुखबिर की सूचना पर जांच हुई तो भारी मात्रा में गांजा मिला। इससे साफ है कि तस्करों ने सिर्फ नया रास्ता तलाशा है, ओडिशा से अन्य राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी का गोरखधंधा अभी भी चल रहा है। नशे का यह कॉरीडोर अभी भी टूटा नहीं है।

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