कांकेर में ‘मावा मोदोल’ कोचिंग सेंटर के शुभारंभ समारोह में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता प्रत्येक के जीवन में आती है। असफल होने पर नकारात्मक सोच लाने के बजाय कमियों को दूर कर उसे हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। मंत्री चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कामयाबी का कोई शॉर्टकट या विकल्प नहीं होता। अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभ्यर्थियों को पूरी शिद्दत से परीक्षा की तैयारी में जुटना चाहिए। प्रशासनिक और राजनीतिक कैरियर अनुभव साझा किए पुराना कचहरी स्थित निःशुल्क कोचिंग संस्थान ‘मावा मोदोल’ के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल वित्त मंत्री ने अपने प्रशासनिक और राजनीतिक करियर के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्यादातर ऐसे अभ्यर्थी सफल होते हैं, जो सुख-सुविधाओं से दूर रहकर प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को हासिल करने में जुटे रहते हैं। गुलशन जैन, स्नेहा सिन्हा और कुलेश्वर नंदीश्वर के प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि संघ लोक सेवा जैसी बड़ी परीक्षाओं के साथ-साथ सहगामी करियर के विकल्प भी खुले रखने चाहिए। उन्होंने देश के सैकड़ों शीर्ष आईएएस-आईपीएस अधिकारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि वे स्वयं की मेहनत को सकारात्मक दिशा देकर लक्ष्य को हासिल करते हैं। जीवन में जैसी परिस्थितियां होती हैं, उसी के अनुरूप संघर्ष को दिशा देनी चाहिए।


