ओबीसी आरक्षण 27% करने की मांग उठी:जनसंख्या अनुपात में सीट निर्धारण पर हुई चर्चा

राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने बुधवार को जिला मुख्यालय ब्यावर में जनसंवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष मदनलाल भाटी और सदस्य गोपाल कृष्ण शर्मा ने आमजन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर उनके सुझाव सुने। कार्यक्रम में ओबीसी आरक्षण को 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की मांग प्रमुखता से उठी। परिचर्चा के दौरान ओबीसी वर्ग के भीतर वर्गीकरण, जनसंख्या के अनुपात में सीटों का निर्धारण और पिछड़ी व अति पिछड़ी जातियों को आरक्षण का वास्तविक फायदा दिलाने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व को लोकतंत्र की आधारशिला बताया। आयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने कार्यक्रम की जानकारी दी। अध्यक्ष मदनलाल भाटी ने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग को उनका अधिकार दिलाना है। उन्होंने बताया कि आयोग तर्कसंगत, न्यायसंगत और व्यावहारिक आरक्षण व्यवस्था के लिए प्राप्त सभी सुझावों का गहन अध्ययन करेगा। आयोग पूर्ण पारदर्शिता के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रत्येक घटक का विश्लेषण कर शीघ्र ही आरक्षण का नवीन प्रावधान तय करेगा। भाटी ने यह भी बताया कि पंचायती राज एवं शहरी निकायों में ओबीसी आरक्षण हेतु एक नया फॉर्मूला तय किया जाएगा। आयोग अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा, जिसके आधार पर प्रदेश में नवीन आरक्षण लागू कर चुनाव कराए जाएंगे। इस कार्यक्रम में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण निर्धारण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने न्यायसंगत और तर्कसंगत आरक्षण से ही सामाजिक संतुलन और वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित होने पर जोर दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, जिला परिषद के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी गोपाललाल, नगर परिषद आयुक्त श्रवणराम, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सतीश सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। रावत समाज की स्थिति पर विधायक ने रखे तथ्य
विधायक शंकर सिंह रावत ने रावत समाज की सामाजिक व प्रशासनिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजस्थान में पांच जिलों को छोड़कर रावत समाज को एसटी वर्ग में तथा शेष जिलों में ओबीसी वर्ग में रखा गया है। उन्होंने पत्थर उद्योग में कार्यरत लोगों में सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी का उल्लेख करते हुए समाज को शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक संरक्षण की आवश्यकता बताई। विभिन्न समाजों की मांगें
प्रधान बिरम सिंह भीम ने रावत समाज के प्रमाण पत्रों में मुस्लिम उल्लेख न करने की मांग रखी। प्रधान श्रीमती कमला चौहान ने आरक्षण जनसंख्या के अनुपात में तय करने पर जोर दिया। कीर समाज के प्रतिनिधि हनुमान कीर ने समाज को एससी-एसटी वर्ग में शामिल करने की मांग की। समाजसेवी फनीश ने चुनावों में धन-बल व बाहुबल पर रोक की आवश्यकता जताई। कलाल समाज से अशोक कुमार मेवाड़ा ने सर्वांगीण उत्थान पर बल दिया। गाड़ी लोहार समाज के प्रतिनिधियों ने स्थायी निवास व जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने की समस्या उठाई। जवाजा प्रधान गणपत सिंह चौहान ने रावत समाज को आरक्षण की अत्यंत आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सशक्त बनाने हेतु सुझाव दिए। आयोग सदस्यों ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए अभिलेख में दर्ज कर यथोचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

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