मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी (एमपीयूडीसी) ने निवाड़ी जिले के ओरछा में सोमवार को “परियोजना संचालन और संधारण में स्थानीय निकायों की भूमिका” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में छतरपुर, चंबल और ग्वालियर संभाग के निकायों के अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि, और मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय निकायों को जल प्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं के प्रभावी संचालन और संधारण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ उप परियोजना संचालक (तकनीकी) शैलेन्द्र शुक्ला ने किया। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को कार्यशाला के उद्देश्यों और एमपीयूडीसी द्वारा क्रियान्वित परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एशियन डेवलपमेंट बैंक और विश्व बैंक का सहयोग शुक्ला ने बताया कि एमपीयूडीसी एशियन डेवलपमेंट बैंक, विश्व बैंक और जर्मन बैंक (KFW) के सहयोग से जल प्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी के प्रबंध संचालक एवं नगरीय विकास आयुक्त भरत यादव के नेतृत्व में परियोजनाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। स्थानीय निकायों को परियोजनाओं के संचालन में दी जिम्मेदारी उन्होंने स्थानीय निकायों को जल प्रदाय शुल्क के निर्धारण की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि परियोजनाओं का संचालन और संधारण सुगमता से हो सके। शुक्ला ने परियोजना प्रबंधकों को निर्देशित किया कि स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित करें और परियोजनाओं की सूक्ष्म स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करें। कार्यशाला के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया और उपयोगी सुझाव भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी पीएल बारंगे, राकेश शांडिल्य, गिरीश नायर, वीरेंद्र कुमार, श्यामा तिवारी और अशफाक खान ने विषय संबंधित प्रजेंटेशन दिए। छतरपुर इकाई के परियोजना प्रबंधक पीडी तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर ग्वालियर-चंबल इकाई के परियोजना प्रबंधक केके शर्मा सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


