भरतपुर जिले में 1 मार्च को हुई ओलावृष्टि के बाद किसान काफी परेशान नजर आ रहे हैं। क्योंकि खेतों में किसान की गेहूं और सरसों की फसल खड़ी थी। ओलावृष्टि के कारण फसल खराब हो गई। अभी अनुमान लगाया जा रहा है की जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है। वहां सरसों में 50 प्रतिशत और गेहूं में 30 से 40 प्रतिशत तक का नुकसान बताया जा रहा है। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी थी। 1 मार्च को सुबह से धूप निकली हुई थी। अचानक शाम होते-होते मौसम बदल गया और हलैना इलाके में बारिश के साथ ओले गिरने लगे। हलैना के अलावा जिले के किसी और इलाके में बारिश और ओलावृष्टि नहीं हुई। इस समय किसानों के खेतों में सरसों, गेहूं और चना की फसल खड़ी है। किसान सरसों की फसल काट रहे हैं। वहीं गेहूं और चना की फसल 10 से 15 मार्च के बीच काटना शुरू हो जाएगी। ओलावृष्टि और बारिश के बाद हलैना इलाके के किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। अब किसान फसल का सर्वे करवाने की मांग कर रहे हैं। किसानों के मुताबिक गेहूं की फसल में 30 से 40 प्रतिशत और सरसों की फसल में 50 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। अब किसान को आस है की उनकी फसल का सर्वे होकर उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।


