ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ SEBI की जांच का दावा:इनसाइडर ट्रेडिंग और सेल्स में गड़बड़ी के आरोप; कंपनी ने आरोपों को गलत बताया

SEBI ने ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों की जांच शुरू की है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक ने अक्टूबर-दिसंबर 2024 के बीच इनसाइडर ट्रेडिंग और रिलेटेड पार्टी डील्स में नियमों का उलंघन किया है। वहीं ओला ने इन आरोपों को गलत और तथ्यहीन बताया है। यह मामला तब सामने आया, जब पहले ही ओला पर फरवरी 2025 की सेल्स रिपोर्ट में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। दरअसल, फरवरी 2025 में कंपनी ने दावा किया था कि उसने 25,000 इलेक्ट्रिक व्हीकल बेचे और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में 28% मार्केट शेयर हासिल किया था। लेकिन सरकारी वेबसाइट VAHAN पर दर्ज आकड़ों के अनुसार फरवरी में ओला के सिर्फ 8,600 वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ था। इस बड़े अंतर पर सेबी जांच कर रही है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय भी नोटिस दे चुका इससे पहले 25 अप्रैल को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने ओला को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। मंत्रालय ने 7 दिन के अंदर कई अहम सवालों के जवाब मांगे थे। नोटिस में ओला से इन सवालों के जवाब मांगे 22 अप्रैल को महाराष्ट्र में 121 स्टोर्स पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे तीन दिन पहले महाराष्ट्र में ट्रांसपोर्ट विभाग ने ओला के 121 स्टोर्स बंद करने के निर्देश दिए हैं। ट्रांसपोर्ट विभाग ने ओला के 146 स्टोर्स की जांच की थी, इनमें 121 से ज्यादा स्टोर्स बिना ट्रेड सर्टिफिकेट के चल रहे थे। दरअसल, पिछले महीने RTO ने महाराष्ट्र में ओला के कई स्टोर्स पर छापेमारी की थी। स्टोर्स पर ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं होने के चलते 192 व्हीकल्स को जब्त कर कारण बताओ नोटिस दिए गए थे। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 1 साल में 46% गिरा शुक्रवार को ओला इलेक्ट्रिक शेयर 0.33% की गिरवट के साथ 48.53 रुपए पर बंद हुआ। एक महीने में ओला का शेयर 10% से ज्यादा गिरा है। वहीं पिछले एक साल में शेयर 45% से ज्यादा टूटा है। ओला का मार्केट कैपिटल 22.14 हजार करोड़ रुपए है। ओला के स्टोर पर 4 बार हुई रेड ओला के स्टोर्स पर देशभर में RTO कार्रवाई हुई थी। अब तक महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के 32 स्टोर्स पर रेड पड़ चुकी है। इसके अलावा राजस्थान में कुछ स्टोर्स पर भी कार्रवाई की गई है। इसमें 50 से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियों को जब्त किया जा चुका है। दूसरी कंपनियों की शिकायत के बाद कार्रवाई गुरुग्राम की प्रताप सिंह एंड एसोसिएट्स कंपनी ने ओला इलेक्ट्रिक और कुछ अन्य कंपनियों के खिलाफ ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट अधिकारियों ने कार्रवाई की । ओला इलेक्ट्रिक ने कहा- रेड की कार्रवाई गलत और पक्षपातपूर्ण रेड की कार्रवाई पर ओला इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता ने बताया था कि कोई वाहन जब्त नहीं किया गया है। इससे पहले ओला ने जांच को गलत और पक्षपातपूर्ण बताया था। प्रवक्ता ने कहा था कई राज्यों में ओला के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स और गोदामों में अनरजिस्टर्ड व्हीकल्स की इन्वेंट्री है। ये मोटर व्हीकल एक्ट के दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करती है और जरूरी मंजूरियां मौजूद हैं। कंपनी ने स्टोर्स पर रेड को लेकर कोई जानकारी नहीं दी थी।

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