ओलिंपियाड परीक्षा में दिखी अनियमितताएं:बच्चों को भोजन तो दूर नाश्ता भी नहीं कराया, आने-जाने के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था भी नहीं की

आलीराजपुर जिला शिक्षा केन्द्र के निर्देश पर प्राथमिक से मिडिल स्कूल के बच्चों की तार्किक क्षमता बढ़ाने के लिए बुधवार को ओलिंपियाड परीक्षा कराई गई। इसमें शामिल होने वाले करीब 600 बच्चों के लिए न भोजन, नाश्ते की व्यवस्था की गई, न ही लाने-ले जाने के लिए ट्रांसपोर्ट की। बता दें परीक्षा दो पाली में कराई गई। प्राथमिक स्कूल के छात्रों की परीक्षा सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक हुई, वहीं माध्यमिक स्कूल के बच्चों की परीक्षा सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक हुई। बच्चे दुकानों में बिस्किट व अन्य स्नैक्स आइटम खरीदकर खाते हुए दिखाई दिए। कई बच्चे भूखे ही परीक्षा में शामिल हुए। जोबट ब्लॉक में 3662 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी दूसरी ओर जोबट ब्लॉक की बात करें तो यहां करीब 3662 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से प्रत्येक संकुल केंद्र पर तकरीबन 500 से 600 बच्चे शामिल हुए। ओलिंपियाड जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के आयोजन के सही प्रबंधन की मुख्य जिम्मेदारी बीआरसी की थी। परीक्षा को लेकर दूरदराज से केंद्रों पर पहुंचे बच्चे काफी उत्साहित थे, क्योंकि बच्चों में इस तरह की परीक्षा में बैठने का पहला अनुभव था। ओलिंपियाड परीक्षा बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने व जांचने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। यह परीक्षा किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पूर्वाभ्यास भी है। इससे बच्चों में निश्चित ही प्रतियोगी परीक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी। मामले में जोबट बीआरसी प्रवीण प्रजापत ने कहा कि प्रति विद्यार्थी 30 रुपए मिलते हैं। इतने कम पैसे में हर विद्यार्थी को भोजन उपलब्धि नहीं कराया जा सकता।

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