औद्योगिक इलाकों के लिए अलग विकास बोर्ड बने

भास्कर न्यूज | जालंधर वीरवार को जालंधर के कारोबारियों ने पंजाब सरकार से मांग की कि शहरों के टाउन प्लानिंग में शामिल औद्योगिक इलाकों के लिए एक अलग विकास बोर्ड बनाया जाए। इस बोर्ड के माध्यम से सड़कों, सीवरेज, पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं की सुनियोजित व्यवस्था की जाए। यह मांग राजा गार्डन में हुई एमएसएमई एसोसिएशन की बैठक में उठाई गई। बैठक में विकास बोर्ड के गठन के साथ-साथ बिस्त दोआब नहर के किनारे सड़क को चौड़ा करने और बिजली के तारों की ऊंचाई बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय को एक लिखित डिमांड चार्टर भेजा गया, जिसमें सभी मांगों को विस्तार से रखा गया है। बैठक एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरचरण सिंह की अगुवाई में हुई, जो पंजाब सरकार की सलाहकार काउंसिल के सदस्य भी हैं। गुरचरण सिंह ने कहा कि जालंधर में 500 से अधिक ऐसे कारखाने हैं, जहां टूटी सड़कें, बंद सीवरेज और मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि 1990 के दशक में सरकार गांवों में कारखाने लगाने पर सात साल तक टैक्स माफी देती थी। इसी वजह से लोगों ने गदईपुर इलाके में उद्योग स्थापित किए। आज यह इलाका शहर का हिस्सा बन चुका है, लेकिन सुविधाएं अब भी गांव जैसी हैं। इन्हें वर्तमान जरूरतों के अनुसार विकसित करना जरूरी है। इस दौरान इंजीनियरिंग एसोसिएशन के प्रधान सुनील शर्मा ने भी अपने विचार रखे। बैठक में चेयरमैन अशोक मल्होत्रा, महासचिव जलज शर्मा, दर्शन सिंह, संदीप महाजन, अंकुर कोहली, गोल्डी प्रभाकर, जगदीश विज, सुरिंदर सिंह और गगन मल्होत्रा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

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