उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में इन दिनों हंगामा मचा हुआ है। कुलपति सुनीता मिश्रा के औरंगजेब को कुशल शासक बताने के बाद से स्टूडेंट्स नाराज हैं। मंगलवार को भी प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स ने प्रशासनिक भवन को लॉक कर दिया। जबकि वीसी अंदर ही मौजूद थीं। करीब 6 घंटे बाद रात 11.30 बजे उन्हें पुलिस सिक्योरिटी में घर पहुंचाया गया। यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़, नारेबाजी और प्रदर्शन को लेकर वीसी ने भास्कर से कहा कि …. उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। मेरे खिलाफ हो रही साजिश पर, कुछ नहीं चाहती हूं। हालांकि कुछ टेम्परेरी और परमानेंट लोग हैं, जो ऐसा कर रहे हैं। बच्चे ऐसा नहीं कर सकते। बयान कुछ हिस्से को दिखाया जा रहा। प्रोफेसर मिश्रा का कहना है कि- स्टूडेंट्स का तोड़फोड़ करना गलत है। वे मुझे मिलने आ सकते हैं। मामले को लेकर राज्यपाल और राज्य सरकार की तरफ से फिलहाल कुछ नहीं पूछा गया है। मिश्रा ने उनके कार्यकाल में हुए विवादों को लेकर भी जवाब दिए। कुलपति ने अपने पक्ष में और विवाद पर क्या कहा… सवाल: औरंगजेब को लेकर आपने क्या बयान दिया था। क्या आपने औरंगजेब को कुशल शासक बताया था? कुलपति: गुरुनानक कॉलेज में 12 सितंबर को ‘विकसित भारत का रोडमैप’ विषय पर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस थी। इसमें मैंने ऐतिहासिक संदर्भ में बताया कि महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और अकबर सभी राजा अच्छे थे। आगे कहा था कि औरंगजेब भी कुशल प्रशासक था, लेकिन उतना अच्छा नहीं था। कुल 25 मिनट का भाषण था, लेकिन 5 केवल सेकेंड का हिस्सा काटकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। मेरा पूरा बयान नहीं बताया गया। कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर ऑस्ट्रेलिया के भी 2 स्पीकर आए हुए थे, ऐसे में अंग्रेजी में बोला था, जिसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। सवाल: क्या राज्यपाल या राज्य सरकार ने आपसे विवादित बयान पर स्पष्टीकरण मांगा है? कुलपति: राज्यपाल और राज्य सरकार ने अब तक कुछ नहीं पूछा है। यूनिवर्सिटी में हर दिन जो घटनाक्रम चल रहा है, उसको लेकर मैंने एक दिन पहले खुद ही राजभवन सेक्रेटरी को मेल करके अपना स्पष्टीकरण भेज दिया था। स्पष्टीकरण में औरंगजेब को लेकर दिए बयान का पूरा वीडियो भेजा है। सवाल : राज्यपाल की ओर से कोई रिप्लाई आया आपको? कुलपति: राजभवन में मेल जाते ही शिक्षा विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी का कॉल आया था। राजभवन में मेरे ओर से भेजे गए मेल की एक कॉपी मांगी थी, जो मैंने उन्हें भी भेज दी है। मैंने अपने पक्ष में उन्हें बताया कि मेरे बयान को वीडियो गलत तरीके से पेश किया गया है। सवाल: आपने छात्रसंघ चुनाव की मांग कर रहे 8 छात्रों काे निष्कासित कर दिया, इतना कठोर फैसला क्यों लिया? कुलपति: ये जुलाई 2025 का मामला है। जब छात्रसंघ चुनाव कराने को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। इनके समर्थन में यूनिवर्सिटी कर्मचारी भी थे। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र कपड़े खोलकर बैठे थे, जिसके फोटो-वीडियो मेरे पास है। बच्चों को अनुशासन में होना चाहिए। आईडी कार्ड और ड्रेस कोड में होना चाहिए। इस तरह का प्रदर्शन अच्छा नहीं था। सवाल: 3 दिन से यूनिवर्सिटी में क्लासेज नहीं हो रही। प्रदर्शन के बीच आप मामले का हल क्यों नहीं निकाल रहीं? कुलपति: छात्र मुझे मिलने आ सकते हैं। मैं भी एक मां हूं। मेरे भी दो बेटे हैं। बच्चे कभी भी मिल सकते हैं। मैं जब जा रही हूं तो तोड़फोड़ न करें। वे एक अच्छे भाव से आएं और मुझसे बात करें। मैं उनसे मिलूंगी। अभी जब विरोध ज्यादा हो रहा है तो मुझे रजिस्ट्रार और अन्य स्टाफ का फोन आया था कि मैडम यहां मत आइए। माहौल ठीक नहीं है। बाकी मेरे निवास पर ऑफिस है, वहां बैठकर मैं अपना सारा काम कर रही हूं। सवाल: प्रोफेसर ढाका को लेकर शिकायत दर्ज करने के आदेश दिए थे, शिकायत दर्ज क्यों नहीं हुई? कुलपति: ये मेरे समय का मामला नहीं है। ये पूर्व कुलपति अमेरिका सिंह के समय का मामला हो सकता है। मैंने अगस्त 2023 में जॉइन किया है। मेरे समय प्रोफेसर एमएस ढाका के लिए राजभवन से ऐसा कोई आदेश नहीं आया। प्रो. ढाका कर्मठ और अच्छे आदमी हैं। उन्होंने कई पेंटेंट और 125 रिसर्च पेपर पब्लिश कराए हुए हैं। बाकी राजभवन से उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने जैसा कोई आदेश मेरी जानकारी में नहीं है। सवाल: सिर्फ 2 साल के आपके कार्यकाल में कई विवाद आपसे क्यों जुड़ते जा रहे हैं, आप क्या मानती हैं? कुलपति: मैंने अपने कार्यकाल के दो साल में यूनिवर्सिटी को ए ग्रेड दिलवाई है। एनआईआरएफ रैंकिंग कराई। मेरी जॉइनिंग के 6 महीने के भीतर नेशनल कन्वोकेशन कराया, जिसमें राष्ट्रपति को इनवाइट किया था। इसके अलावा पेंशन, सैलरी, रिक्रूटमेंट, एफिलेशन सहित बच्चों की फीस आदि सब ऑनलाइन कराया। ये अच्छी पहल की है तो इसमें कुछ लोगों को शायद बुरा लगेगा। इसके अलावा 121 असिस्टेंट प्रोफेसर का प्रमोशन कराया, जो 10 साल से ड्यू था। सवाल: आप पर दो महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने आपके निवास पर काम कराने और दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं? कुलपति: इनमें से एक महिला हमारी यूनिवर्सिटी की कर्मचारी नहीं है, उसने मुझ पर जो भी आरोप लगाए, वो गलत हैं। बाकी दूसरी महिला कर्मचारी संविदा पर हैं। उसे मैंने कुछ समय के लिए निवास पर बुलाया था। मुझे फिजिकली तकलीफ थी। तब कुछ समय मदद के लिए संविदा महिलाकर्मी को बुलाया था, लेकिन ऐसा कोई घरेलू काम नहीं कराया। न ही कोई गलत दुर्व्यवहार किया, जो आरोप लगाए गए हैं, झूठे हैं। ये खबरें भी पढ़ें… कैबिनेट मंत्री बोले-लगता है कुलगुरु माओवादियों से प्रभावित हैं:कटारिया को जूतों की माला पहनाने वाले वीसी का क्या हाल हुआ, सबको पता है 6 घंटे बाद वीसी को सुरक्षा के बीच निवास पहुंचाया:देर रात छात्रों के जाने बाद 11:30 बजे ऑफिस का ताला खोला, फिलहाल यूनिवर्सिटी नहीं आएंगी कुलपति


