जयपुर जिले में 173 नई राशन दुकानों के लिए रसद विभाग ने आवेदन मांगे थे, लेकिन इनमें से 61 दुकानों के लिए एक भी आवेदन नहीं आया। यानी बेरोजगारी के दौर में भी बड़ी संख्या में लोग राशन डीलरशिप लेने को तैयार नहीं हैं। डीलरों के अनुसार इसकी सबसे बड़ी वजह सरकार द्वारा तय बेहद कम कमीशन और जयपुर जैसे शहर में दुकानों का भारी किराया है। डीलरों का कहना है कि बिहार, केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में राशन डीलर को 258.40 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन दिया जाता है, जबकि राजस्थान में केवल 150 रुपए प्रति क्विंटल, जो काफी कम है। जयपुर जिले के एनएफएसए के डेटा कमाई कम, बोझ ज्यादा सिर्फ कम कमीशन ही समस्या नहीं है, जो मिलता है उसमें भी कटौती है। 5.21 रुपए प्रति क्विंटल ई-पॉस मशीन के मेंटेनेंस के नाम पर कट जाते हैं। साथ ही 4 रुपए प्रति क्विंटल तौल मशीन के लिए काट लिए जाते हैं। इन कारणों से नई दुकानों के आवंटन प्रक्रिया से दूरी बना ली है। अब विभाग के सामने चुनौती है कि दुकानें आवंटित कैसे हों।


