औसत से आसमान तक पहुंचे 4 छात्रों की कहानी… साधारण शुरुआत, असाधारण मंजिल

तबीयत ऐसी बिगड़ी कि होना पड़ा भर्ती, विश्वास नहीं खोया, मेहनत जारी रखी प्री बोर्ड परीक्षा के पहले मेरे शरीर में प्लेटलेट्स सामान्य से नीचे चला गया था। मुझे इलाज के लिए कोलकाता जाना पड़ा। कई दिनों तक मेरा इलाज चला। इस स्थिति में मैं अपनी पढ़ाई भी नहीं कर पा रही थी। इस परिस्थिति में भी मैंने अपना विश्वास नहीं खोया और पूरा जोर लगाकर तैयारी की, दसवीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुई। मुझे बोर्ड में 91.4 अंक मिले हैं। मुझे खुशी है कि मैंने एग्जाम दिया और मुझे अच्छे मार्क्स आए। मेरी मेहनत रंग लाई और मेरे शिक्षकों ने भी बहुत मदद की। – कंटेंट : रितु लकड़ा प्री बोर्ड में 56% ही अंक, ग​लतियों से सीखा, स्वयं को सुधारा, मिली सफलता मैंने 7वीं क्लास से लेकर 10वीं तक अपने अंकों में वृद्धि करने की कोशिश की। कक्षा 10वीं में पहले प्री बोर्ड में 56 प्रतिशत ही मिले थे। उस समय अपनी गलतियों से सीखा। उन पर काम किया। दूसरे प्री बोर्ड में मेहनत की और इस बार मैंने 74 प्रतिशत स्कोर किया। 10वीं में मुझे 89 प्रतिशत मिले हैं। एसएसटी में थोड़ा डर लग रहा था, लेकिन इसमें मैंने 86 स्कोर किया। सबसे अधिक अंक मुझे संस्कृत में 92 मिले हैं। मर्चेंट नेवी में जाने का सपना है। मेरे आइडियल धौनी हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेता हूं। मैथ डराता था, कभी 50 से ज्यादा अंक नहीं आए, अभ्यास कर ​रिजल्ट सुधारा मैथ और साइंस विषय में मैं 40 से 50 अंक ही स्कोर कर पाता था। क्लास 8 में मैथ में फेल भी हो गया था। क्लास 9वीं तक मुझे 50 से ज्यादा मार्क्स नहीं आए। इसके बाद टीचरों ने काफी हेल्प किया। एक्स्ट्रा क्लासेस लिए, मॉक टेस्ट दिया। कम मार्क्स के कारण डिमोटिवेट भी हो जाता था, लेकिन मुझे हर बार सपोर्ट मिला। मैंने मेहनत की, मैथ और साइंस सब्जेक्ट को ज्यादा समय दिया और मुझे 84.7 मार्क्स आए। मैंने मैथ में 83 और साइंस में 87 स्कोर किया। इंग्लिश में सबसे अधिक 93 मार्क्स आए। आगे जेईई करना है। प्री बोर्ड स्कोर नहीं कर पाई, गलतियों को समझा, ठीक कर पाई सफलता साइंस सब्जेक्ट शुरू से ही मेरे लिए कठिन रहा। खासकर केमिस्ट्री में रिएक्शन टॉपिक में दिक्कत आती थी। मेरे अंक हमेशा कम आते थे। प्री बोर्ड में भी इस विषय में मुझे 80 में 60 ही अंक मिले थे। डर लगता था कहीं फेल न हो जाऊं। लेकिन फिर मैंने अपनी गलतियों को प्वाइंट बनाकर लिखा। उन पर काम किया, टीचरों की मदद ली। प्रॉब्लम्स को ऑनलाइन सॉल्व किया। बोर्ड में सबसे ज्यादा अंक इसी विषय में मिले। मैंने साइंस में 100 में 97 स्कोर किया। आगे डॉक्टर बनना चाहती हूं। मेरे लिए मेरे टीचर और पेरेन्ट्स आदर्श है। मुख्यमंत्री ने कहा… परीक्षा में अपेक्षा के अनुरूप जिन्हें परिणाम नहीं मिला, वे निराश न हों सीबीएसई द्वारा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी होने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी छात्रों को बधाई दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कहा, सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में सफल होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बहुत-बहुत बधाई और जोहार। परीक्षा में अपेक्षा के अनुरूप जिन्हें परिणाम नहीं मिल पाया, वे निराश न हों, कड़ी मेहनत करते रहें। आप सभी का भविष्य उज्ज्वल हो, यही कामना करता हूं। इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं के अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधनों को भी मैं हार्दिक बधाई देता हूं, जोहार करता हूं।

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