नर्मदापुरम में नर्मदा तट पर स्थित कंकर घाट पर जेसीबी पोकलेन मशीन से खुदाई हो रही है। इसकी शिकायत मंगलवार को जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह से की गई। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अखिलेश खंडेलवाल ने जेसीबी, पोकलेन मशीन से खुदाई पर रोक लगाने की मांग की है। जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता खंडेलवाल ने बताया कि नर्मदापुरम में कंकर घाट ऐतिहासिक महत्व रखता है और प्राकृतिक रचना है, उसको जेसीबी पोकलेन से खोदकर निर्माण सामग्री के रूप में पिचिंग (गेबलिंग) में इस्तेमाल करना गलत है। निर्माण एंजेसी के अधिकारी भी इसे ध्यान नहीं दें रहे हैं। उन्होंने कंकर घाट पर खुदाई और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रचना से बाढ़ के समय शहर सुरक्षित रहता है और यह नर्मदा के सौंदर्य को भी बढ़ाती है, पर पैसों के लालच में इसका उत्खनन कर नर्मदा ओर शहर को नुकसान पहुंचाने का कृत्य निंदनीय है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सीएमओ का व्यवहार ठीक नहीं, कॉल नहीं उठाती
इसके साथ ही नगर पालिका सीएमओ हमेश्वरी पटले की प्रभारी मंत्री राकेश सिंह से मौखिक शिकायत की गई। नगरपालिका के उपाध्यक्ष अभय वर्मा, महिला पार्षद सिमरन रैकवार के साथ करीब 7,8 महिला पार्षदों ने सीएमओ पटले की महिला पार्षदों से व्यवहार ठीक न करने, कॉल नही उठाने और समय पर नहीं मिलने की शिकायत की। पार्षद सिमरन रैकवार ने कहा हम महिला पार्षद हैं, जो परिवार के साथ जनता की बात को भी रखने नगर पालिका आते हैं। सीएमओ से समय लेने के बावजूद वे हमें उस समय पर नहीं मिलती हैं। उपाध्यक्ष वर्मा ने कहा कि सीएमओ की पहले भी प्रभारी मंत्री से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनके बर्ताव में अबतक बदलाव नहीं आया। पार्षदों के बजाय उनके पति आते हैं: सीएमओ
महिला पार्षदों के प्रति उनका व्यवहार ठीक नहीं रहता है। वे महिला पार्षदों के कॉल तक रिसीव नहीं करती हैं। इस मामले में सीएमओ हमेश्वरी पटले ने कहा मैं कभी किसी को मिलने से नहीं रोकती। महिला पार्षद ही बहुत कम आती हैं। पार्षदों के बजाय उनके पति आते हैं। नपा उपाध्यक्ष खुद मात्र 2, 3 बार ही मेरे चैंबर में आएं है।


