तरनतारन। पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने हाल ही में कंचनप्रीत कौर की गिरफ्तारी को लेकर अहम आदेश जारी किए हैं। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कंचनप्रीत का रिमांड तब तक नहीं दिया जाएगा, जब तक उनके वकील अर्शदीप सिंह कलेर और दमनप्रीत सोबती कोर्ट में पेश नहीं होते। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, कंचन प्रीत को पुलिस कस्टडी में नहीं रखा जा सकता और वह मजिस्ट्रेट की कस्टडी में ही रहेंगी। कोर्ट ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि आरोपी ने जांच में शामिल होने के लिए खुद पहल की थी और इस मामले में पुलिस की गिरफ्तारी पर सवाल उठता है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि आज रात 8 बजे जिला अदालत, तरनतारन में इस मामले की सुनवाई होगी। वहीं, उनके वकील अर्शदीप कलेर और दमनप्रीत सोबती आज जाकर इस केस की पैरवी करेंगे और कोर्ट में अपने पक्ष को पेश करेंगे। हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं और पूछा है कि जिस व्यक्ति ने स्वयं जांच में भाग लेने की इच्छा जताई, उसे अवैध तरीके से कैसे गिरफ्तार किया गया। कोर्ट के इस आदेश से स्पष्ट है कि न्यायपालिका जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहती है। कंचनप्रीत की गिरफ्तारी और हाई कोर्ट के आदेश के बाद मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों ही स्तरों पर हलचल पैदा कर दी है। अब देखना होगा कि जिला अदालत में सुनवाई के दौरान इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।


