बालाघाट नगरपालिका में स्वच्छ भारत अभियान के तहत खरीदे गए रिक्शा कचरा वाहन खरीदी में विपक्ष कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। दरअसल, वार्ड 7-8 में दिए गए कचरा रिक्शा वाहन के दो दिनों में ही खराब हो जाने पर कांग्रेस पार्षदों ने बुधवार को शाम इसकी जानकारी दी। इस मामले में सीएमओ बी.डी. कतरोलिया मीडिया से चर्चा में जानकारी लेने की बात कर रहे हैं तो स्वास्थ्य विभाग और स्वच्छता प्रभारी प्रीति घरते बताती है कि वह फाईल देखकर ही जानकारी दे सकती है। जिससे साफ है कि कांग्रेस के भ्रष्टाचार के आरोप पर नगरपालिका के जिम्मेदार स्वयं का बचाव कर रहे है। 20 कचरा रिक्शे खरीदे गए नगरपालिका में कितने रिक्शा कचरा वाहन, खरीदे गए, इसकी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के सूत्र बताते हैं कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत 20 कचरा रिक्शे खरीदे गए हैं। नगरपालिका में कचरा वाहन खरीदी में भ्रष्टाचार का यह आरोप नया नहीं है। इससे पहले भी लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप इससे पूर्व भी तत्कालीन सीएमओ निशांत श्रीवास्तव के कार्यकाल में कचरा वाहन खरीदी में कचरा डब्बे में लोहे की चादर के टुकड़े लगाए जाने का मामला सामने आने के बाद वाहनों को सीएमओ ने वापस कर दिया था। जिसमें भी खरीदी में कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। नेता प्रतिपक्ष योगराज कारो लिल्हारे ने कहा कि कचरा रिक्शा वाहन में नोडल अधिकारी ने भ्रष्टाचार किया है। दो दिनों में ही कचरा रिक्शा वाहन की बॉडी हिलने लगी है। जिस पर ढक्कन भी नहीं है, उन्होंने कहा कि यह खरीदी, नगरपालिका में आम लोगों के टैक्स की राशि से हो रही है। उन्होंने नोडल अधिकारी प्रीति घरते की पदस्थापना के बाद से स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया। वार्ड 7 पार्षद प्रतिनिधि और पूर्व पार्षद छबिराम नागेश्वर ने कहा कि वार्ड में पहले से ही कचरा वाहन की दिक्कत थी और जो नया रिक्शा कचरा वाहन दिया गया है। वह भी एक दो दिन में खराब हो गया है। हमारा सवाल है कि यदि रिक्शा कचरा वाहन लाया गया है तो इसका सत्यापन किया गया की नहीं? जो रिक्शा कचरा वाहन दिया गया है। उसकी कटोरी में छर्रे नहीं है। बैल्डिंग टूट गई है। जिसे चलाने में नपा के सफाई कर्मी भी परेशान है। इस मामले में हम सीएमओ से मिलकर चर्चा करेंगे।


