कजलास–टिगरिया में रेत खनन विवाद, माफिया और कंपनी भिड़े:तलवार और लाठी लेकर 50 से अधिक लोग गांव में घुसे, ट्रैक्टर जलाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

नर्मदापुरम जिले के डोलरिया थाना क्षेत्र के टिगरिया और कजलास गांव में 31 जनवरी को अवैध रेत उत्खनन को लेकर रेत माफिया और अधिकृत रेत कंपनी के बीच गंभीर विवाद हो गया। इस दौरान 50 से ज्यादा लोगों ने तलवार, लाठी, डंडे और बेसबॉल बैट लेकर गांव में जमकर उत्पात मचाया। ट्रैक्टर जलाने, बाइक में तोड़फोड़ और फायरिंग के आरोप लगे हैं। घटना के वीडियो पांच दिन बाद सोशल मीडिया पर सामने आए। पूरा मामला कजलास-टिगरिया रेत खदान से जुड़ा है। यहां लंबे समय से अवैध तरीके से रेत उत्खनन किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। 31 जनवरी को इसी बात को लेकर रेत कंपनी और अवैध उत्खनन करने वाले माफियाओं के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते-देखते हिंसा में बदल गया। 50 से ज्यादा लोगों ने मचाया आतंक ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 50 से ज्यादा लोग हथियारों के साथ गांव में घुसे। हाथों में तलवार, लाठी, डंडे और बेसबॉल बैट लिए लोग दौड़ते हुए दिखाई दिए। पत्थरबाजी की गई और गांव में करीब एक से दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बाइक में तोड़फोड़, ट्रैक्टर जलाया विवाद के दौरान टिगरिया गांव के गुलशन निमोदा की बाइक में तोड़फोड़ की गई। वहीं, सचिन कीर का ट्रैक्टर आग के हवाले कर दिया गया। आगजनी की इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। फायरिंग के भी आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने गांव में फायरिंग भी की। हालांकि, पुलिस ने अब तक फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। घटना के पांच दिन बाद सामने आए वीडियो 31 जनवरी की घटना के वीडियो बुधवार को सामने आया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कजलास माइनर नहर के पास बड़ी संख्या में लोग हथियार लहराते हुए दूसरे पक्ष की ओर दौड़ रहे हैं और पत्थर फेंक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद डोलरिया पुलिस को समय रहते इसकी जानकारी तक नहीं लगी। करीब दो घंटे तक गांव में हिंसा चलती रही, लेकिन मौके पर पुलिस नहीं पहुंची। पुलिस का पक्ष डोलरिया थाना प्रभारी खुमान सिंह ने बताया कि यह विवाद अवैध रेत उत्खनन से जुड़ा है। पहले कुछ ग्रामीणों द्वारा तोड़फोड़ की गई थी, इसके बाद ठेकेदार पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे। ट्रैक्टर जलाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एडिशनल एसपी अभिषेक राजन ने कहा कि पूरा विवाद अवैध रेत उत्खनन को लेकर है। अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और क्षेत्र में दोबारा ऐसी घटना न हो, इसके लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। रेत कंपनी का दावा रेत कंपनी वेलोसिटी प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर रूपेश पेठे ने बताया कि नानपा से लेकर बाबरी तक की खदानों से रेत उत्खनन और परिवहन का अधिकृत ठेका कंपनी के पास है। इसके बावजूद कुछ माफिया वर्षों से अवैध तरीके से रेत निकाल रहे हैं। 700 रुपए प्रति ट्रॉली टोकन का विवाद कंपनी का कहना है कि शासन के नियम अनुसार ₹700 प्रति ट्रॉली टोकन की व्यवस्था लागू की गई थी। लेकिन माफिया बिना रॉयल्टी और टोकन दिए अपने हिसाब से रेत निकालना चाहते थे। समझाने पर उन्होंने ग्रामीणों को भड़काकर कंपनी कर्मचारियों पर हमला कराया। पुराना विवाद भी आया सामने कंपनी ने दावा किया कि पिछले साल मिसरोद में रॉयल्टी काउंटर चालू करने पर भी इन्हीं रेत माफियाओं ने आगजनी की थी और काउंटर नहीं चलने दिया था। कजलास और टिगरिया गांव से जुड़े माफियाओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर अवैध रेत उत्खनन से जुड़े पोस्ट भी मौजूद हैं। ग्रामीणों ने वीडियो में नजर आ रहे सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो गांव में फिर से तनाव की स्थिति बन सकती है।

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