कटनी में आदिवासी बेनामी संपत्ति मामला विधानसभा में:1135 एकड़ जमीन खरीद पर CBI जांच की मांग; शिकायतकर्ता बोले- अब कोर्ट जाएंगे

मध्यप्रदेश विधानसभा में कटनी जिले के कथित आदिवासी बेनामी संपत्ति खरीद घोटाले का मामला गरमाया। आरोप है कि कटनी, जबलपुर, डिंडोरी, उमरिया और सिवनी जिलों में चार गरीब आदिवासियों के नाम पर लगभग 1135 एकड़ कृषि भूमि खरीदी गई। गुरुवार को मुख्य शिकायतकर्ता दिव्यांशु अंशु मिश्रा प्रेस वार्ता कर विधायक संजय सत्येंद्र पाठक पर आरोप लगाए है। विधायक ने उठाया सवाल बता दें कि बुधवार को कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने विधानसभा में प्रश्न (क्र. 1017) के जरिए इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि नत्यू कोल, प्रहलाद कोल, राकेश सिंह गौंड और रघुराज गौंड नामक आदिवासी इतनी करोड़ों रुपए की जमीन खरीदने के लिए पैसा कहां से लाए। साथ ही उन्होंने चारों आदिवासियों के वर्तमान ठिकाने और इस मामले में हुई कार्रवाई के बारे में भी जानकारी मांगी। शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप मुख्य शिकायतकर्ता दिव्यांशु अंशु मिश्रा ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कहा कि विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक पर सीधे तौर पर इन चार आदिवासियों के नाम पर बेनामी संपत्ति खरीदने का आरोप है। मिश्रा ने बताया कि उन्होंने इस मामले में आदिवासी आयोग और विभिन्न विभागों में शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग ने पांचों जिलों के कलेक्टरों से जवाब मांगा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मिश्रा ने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि जिन चार आदिवासियों के नाम पर इतनी बड़ी जमीन खरीदी गई है, वे लंबे समय से लापता हैं। CBI जांच और कोर्ट जाने की तैयारी दिव्यांशु मिश्रा ने प्रेस वार्ता में कहा कि इस गंभीर और संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वे CBI जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि CBI जांच से न केवल आदिवासी बेनामी संपत्ति घोटाले की परतें खुलेंगी, बल्कि नाजिम खान के घर में हुई आगजनी के पीछे भी हाथ सामने आएगा। मिश्रा ने आगे कहा कि विधानसभा में गोलमोल जवाब और पांचों जिलों के कलेक्टरों तथा पुलिस-प्रशासन की शिथिलता के कारण अब वे कोर्ट की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

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